झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने सरना धर्म को अलग धार्मिक कोड देने की मांग को लेकर राष्ट्रपति, PM मोदी और राज्यपाल को लिखा पत्र

रांची:
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आदिवासी समुदाय की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। सीएम सोरेन ने 2027 की जनगणना में आदिवासी समुदाय के “सरना धर्म” को अलग धार्मिक पहचान और अलग कोड दिए जाने की मांग करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार को पत्र लिखा है।अपने पत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा है कि झारखंड सहित पूरे देश के करोड़ों आदिवासी इस मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत हैं। उन्होंने आग्रह किया कि आगामी जनगणना 2027 में सरना धर्म को अलग से कोड आवंटित किया जाए, ताकि आदिवासी समाज को अपनी सही धार्मिक पहचान मिल सके।
सीएम सोरेन ने स्पष्ट किया कि जनगणना केवल लोगों की गिनती भर नहीं है, बल्कि यह भविष्य की नीतियां बनाने और विकास योजनाओं को तैयार करने का महत्वपूर्ण आधार होती है। यदि किसी समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान सही ढंग से दर्ज नहीं की जाती, तो उसके विकास, कल्याण और संरक्षण से जुड़ी योजनाओं पर सीधा असर पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विशेषता और उनके परंपरागत सरना धर्म को मान्यता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अलग धार्मिक कोड दिए जाने से आदिवासी समुदाय की सही संख्या और उनकी आवश्यकताओं का सही आकलन किया जा सकेगा। यह मांग झारखंड में काफी समय से चर्चा में रही है। आदिवासी संगठन और राजनीतिक दल लंबे समय से केंद्र सरकार से सरना धर्म को अलग धर्म के रूप में मान्यता देने की मांग करते आए हैं।

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