कोलकाता, 08 मई 2026
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं। कोलकाता के कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को हुई विधायक दल की बैठक में उन्हें सर्वसम्मति से नेता चुना गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य प्रस्तावक बनें और विधायक दल की बैठक में सीएम के लिए सुवेंदु अधिकारी का नाम रखा। बैठक के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया। सुवेंदु अधिकारी कल (शनिवार) सुबह 10 बजे कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत NDA के कई प्रमुख नेता शामिल होंगे।
सुवेंदु की चुनावी जीत और राजनीतिक सफरनामा
56 वर्षीय सुवेंदु अधिकारी ने इस बार ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर सीट से हराकर बड़ा उलटफेर किया है। वे नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विजयी रहे हैं। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने नंदीग्राम से ममता बनर्जी को पराजित किया था। भाजपा ने हाल ही संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 207 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है। सुवेंदु अधिकारी लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस के प्रमुख चेहरे रहे हैं और 2021 में भाजपा में शामिल हुए थे। उनकी नेतृत्व क्षमता और संगठनात्मक कौशल को पार्टी ने मुख्यमंत्री पद देकर स्वीकार किया है।
1989: कांग्रेस की छात्र परिषद से राजनीति में प्रवेश। उन्होंने कांथी (कंटाई) के प्रभात कुमार कॉलेज में छात्र संघ की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई।
1995: मात्र 25 वर्ष की आयु में कांथी नगर पालिका के पार्षद चुने गए। बाद में कांथी नगर पालिका के चेयरमैन भी बने।
1998: पिता शिशिर अधिकारी के साथ सर्वभारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हुए, जब ममता बनर्जी ने पार्टी बनाई थी।
2006: कांथी दक्षिण (साउथ कंटाई) सीट से पहली बार विधायक चुने गए।
2007: नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में प्रमुख भूमिका। उन्होंने स्थानीय स्तर पर आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसने वामपंथी सरकार (CPI(M)) के खिलाफ जनमत तैयार करने में अहम योगदान दिया। यह आंदोलन 2011 में TMC की सत्ता में वापसी का बड़ा कारण बना।
2009 और 2014: तामलुक लोकसभा सीट से सांसद चुने गए।
2016: नंदीग्राम से विधायक बने और ममता बनर्जी की सरकार में परिवहन मंत्री बनाए गए। बाद में अन्य विभाग भी संभाले (जैसे पर्यावरण)।
17 दिसंबर 2020: TMC की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा।
19 दिसंबर 2020: अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए।
2021: नंदीग्राम सीट से ममता बनर्जी को हराया (लगभग 1,956 वोटों से)। यह चुनावी इतिहास का एक बड़ा उलटफेर था।
2021-2026 तक विपक्ष के नेता के रूप में काम किया और पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रमुख चेहरे बने।
