नई दिल्ली, 15 जून 2026
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बड़ा राजनीतिक भूकंप आ गया है। पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 ने रविवार को नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की घोषणा कर दी। विद्रोही सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर सदन में अलग समूह के रूप में बैठने की मांग की है। इस विलय के बाद NCPI अचानक लोकसभा की पांचवीं सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
विद्रोही गुट की अगुवाई काकोली घोष दस्तिदार कर रही हैं। उन्होंने कहा, “हम 20 सांसद (TMC की दो-तिहाई ताकत) लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर अलग बैठक की मांग कर रहे हैं। हम NCPI में विलय कर चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे।” वरिष्ठ TMC सांसद सुदिप बंद्योपाध्याय ने भी इसकी पुष्टि की।
NCPI: हावड़ा की छोटी पार्टी जिसके पास थे महज 1,198 वोट
यह विलय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि NCPI एक अल्पज्ञात पार्टी है। इसका रजिस्टर्ड ऑफिस पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के बानीपुर (Banipur, Sankrail) इलाके में स्थित है। पार्टी की स्थापना 2022-23 में हुई थी। 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में NCPI ने मात्र चार उम्मीदवार उतारे थे। पार्टी को कुल 1,198 वोट मिले। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, पार्टी को महज ₹1.13 लाख का चंदा मिला था। उसके उम्मीदवार ज्यादातर NOTA से कम या थोड़े ज्यादा वोट पा सके। पार्टी का चुनाव चिह्न ‘पेन निब’ था।
NCPI का मुख्य चुनावी नारा था: “अपने अधिकारों को बचाने के लिए दलबदलुओं को नकारें” (Protect your rights by rejecting political turncoats)।
विरोधाभास और राजनीतिक महत्व
विलय का फैसला एंटी-डिफेक्शन कानून से बचने की रणनीति माना जा रहा है। दो-तिहाई सांसदों के विलय को कानूनी रूप से वैध माना जा सकता है। TMC की ओर से अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष से अपील की है कि इस विलय को मान्यता न दी जाए। यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में TMC की हार के बाद आया है, जिसमें BJP को भारी जीत मिली थी। विद्रोही सांसद अब NDA को समर्थन देने की बात कर रहे हैं, जिससे संसद में NDA की ताकत और मजबूत हो जाएगी। NCPI की यह अचानक उछाल — कुछ सौ वोटों वाली पार्टी से लोकसभा में 20 सांसदों वाली पार्टी तक — भारतीय राजनीति की अप्रत्याशितता को एक बार फिर उजागर करता है। लोकसभा अध्यक्ष के फैसले पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।
