बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया को राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक: लाखों लोगों ने दी अंतिम विदाई, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दी श्रद्धांजलि

ढाका, 31 दिसंबर 2025

 

बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की प्रमुख बेगम खालिदा जिया को आज बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। 80 वर्षीय खालिदा जिया का निधन मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को लंबी बीमारी के बाद ढाका के एवरकेयर अस्पताल में हुआ था। उनके निधन पर देश में तीन दिनों का राजकीय शोक और आज सार्वजनिक छुट्टी घोषित की गई। अंतिम संस्कार में लाखों लोग शामिल हुए, जबकि भारत की ओर से विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ढाका पहुंचे और बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवेदना पत्र सौंपा।

अंतिम संस्कार की व्यवस्था और लाखों की भीड़

खालिदा जिया को लंबे समय से लीवर सिरोसिस, किडनी समस्या, हृदय रोग, डायबिटीज और निमोनिया जैसी बीमारियां थीं। वह 23 नवंबर 2025 से अस्पताल में भर्ती थीं। मंगलवार सुबह फज्र की नमाज के बाद उनका निधन हो गया।आज सुबह उनका पार्थिव शरीर एवरकेयर अस्पताल से गुलशन स्थित उनके आवास ‘फिरोजा’ ले जाया गया, जहां परिवार और करीबी लोगों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद पार्थिव शरीर को मणिक मिया एवेन्यू ले जाया गया। नमाज-ए-जनाजा दोपहर 2 बजे जोहर की नमाज के बाद संसद भवन के साउथ प्लाजा और मणिक मिया एवेन्यू में आयोजित की गई। जनाजे में लाखों लोग उमड़े, जिससे ढाका की सड़कें श्रद्धालुओं से भर गईं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जनाजे के बाद शाम करीब 3:30 बजे उन्हें उनके पति, पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास चंद्रिमा उद्यान (जिया उद्यान) में राजकीय सम्मान के साथ दफनाया गया।

खालिदा जिया का राजनीतिक सफर

बेगम खालिदा जिया बांग्लादेश की राजनीति की दिग्गज शख्सियत थीं। उनका जन्म 15 अगस्त 1945 को जलपाईगुड़ी (तत्कालीन अविभाजित भारत, अब पश्चिम बंगाल) में हुआ था। वह 1991-1996 और 2001-2006 तक दो बार प्रधानमंत्री रहीं। मुस्लिम देशों में बेनजीर भुट्टो के बाद वह दूसरी महिला प्रधानमंत्री बनीं। 1981 में पति जियाउर रहमान की हत्या के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और बीएनपी की कमान संभाली। उनके कार्यकाल में आर्थिक विकास हुआ, लेकिन शेख हसीना के साथ उनकी प्रतिद्वंद्विता (‘बैटलिंग बेगम्स’) प्रसिद्ध रही। हाल के वर्षों में स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार के मामलों (जिनमें वह बरी हो गईं) के कारण वह राजनीति से दूर रहीं।

अंतरराष्ट्रीय संवेदना और भारत की भूमिका

खालिदा जिया के निधन पर विश्वभर से श्रद्धांजलि आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके योगदान और भारत-बांग्लादेश संबंधों में भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा। विदेश मंत्री एस जयशंकर आज ढाका पहुंचे और तारिक रहमान से मुलाकात की। उन्होंने भारत की संवेदना व्यक्त की और पीएम मोदी का पत्र सौंपा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उन्हें ‘पाकिस्तान की प्रतिबद्ध मित्र’ बताया। नेपाल के विदेश मंत्री और पाकिस्तान के अन्य प्रतिनिधि भी जनाजे में शामिल हुए।

देश में शोक का माहौल

अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया। सरकारी भवनों पर झंडे आधे झुके हैं। बीएनपी ने सात दिनों का शोक घोषित किया। सोशल मीडिया पर लोग उनके योगदान को याद कर रहे हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

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