रांची, 09 जून 2026
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को विधानसभा परिसर में नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) के दौरान कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी के नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई। निर्वाची पदाधिकारी ने इन आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए परिमल नाथवाणी का नामांकन पत्र फिलहाल होल्ड पर रख दिया है। उन्हें या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को बुधवार सुबह 11 बजे तक अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। इसके बाद ही उनके नामांकन पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
जांच में क्या हुआ?
नामांकन पत्रों की जांच विधानसभा स्थित निर्वाची पदाधिकारी के कार्यालय में हुई।
- जेएमएम प्रत्याशी बैजनाथ राम
- कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा
दोनों के नामांकन पत्र वैध पाए गए। वहीं परिमल नाथवाणी के नामांकन पर तीन प्रमुख आपत्तियां दर्ज की गई हैं:
- नाम को लेकर विवाद — कुछ दस्तावेजों में “परिमल नाथवाणी” जबकि कुछ में “नाथवाणी परिमल” लिखा गया है।
- नामांकन फॉर्म में एक कॉलम गायब — निर्धारित प्रारूप में मौजूद एक कॉलम नहीं भरा गया।
- आपराधिक मामलों संबंधी कॉलम — इस कॉलम को उचित तरीके से नहीं भरा गया है।
मौके पर क्या हुआ?
आपत्ति दर्ज होने के बाद परिमल नाथवाणी स्वयं विधानसभा पहुंचे। इस दौरान भाजपा के कई वरिष्ठ नेता उनके समर्थन में मौजूद रहे। परिमल नाथवाणी के एक सहयोगी ने दावा किया है कि सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया गया है, लेकिन निर्वाची पदाधिकारी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
झारखंड राज्यसभा चुनाव पहले से ही काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि परिमल नाथवाणी का नामांकन अंतिम रूप से वैध हो जाता है, तो मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है, जिससे चुनावी समीकरण और दिलचस्प हो जाएंगे। सभी की निगाहें अब बुधवार सुबह 11 बजे निर्वाची पदाधिकारी द्वारा दिए जाने वाले अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।
