आंध्र प्रदेश, 18 नवंबर 2025
छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश सीमा क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे बड़े अभियान में भारी सफलता हासिल की है। सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक चले संयुक्त ऑपरेशन में देश के सबसे खतरनाक नक्सल कमांडरों में शुमार माड़वी हिड़मा उर्फ हिड्मा सहित कुल 6 नक्सलियों को मार गिराया गया। हिड्मा पर केंद्र और राज्य सरकारों ने मिलाकर 1 करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित किया हुआ था। वह दंतेवाड़ा 2010, झीरम घाटी 2013 और सुकमा-बीजापुर 2021 हमले सहित कम से कम 26 हमलों का मास्टरमाइंड था।

यह मुठभेड़ आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामा राजू जिले के घने जंगलों में हुई, जो छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले से सटा हुआ है तथा तेलंगाना सीमा से भी लगा हुआ क्षेत्र है। यह इलाका लंबे समय से नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है।
मारे गए प्रमुख नक्सली
- माड़वी हिड्मा (CPI माओवादी की स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य और दक्षिण बस्तार डिवीजन का शीर्ष कमांडर)
- अन्य 5 नक्सलियों के नाम की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन सूत्रों के अनुसार इनमें एक महिला नक्सली भी शामिल है।
बरामद हथियार एवं सामान
मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है, जिसमें AK-47, INSAS राइफल, ग्रेनेड और विस्फोटक सामग्री शामिल हैं।अभियान का नेतृत्वयह संयुक्त ऑपरेशन छत्तीसगढ़ पुलिस के DRG (District Reserve Guard), तेलंगाना पुलिस के ग्रेहाउंड फोर्स और आंध्र प्रदेश पुलिस की स्पेशल पार्टी ने मिलकर चलाया। खुफिया इनपुट के आधार पर कई दिनों से इस क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चल रहा था। माड़वी हिड्मा पर 10 मई 2017 के बुर्कापाल हमले (25 CRPF जवान शहीद), 2021 के तार्रेम हमले (22 जवान शहीद) समेत दर्जनों बड़े नक्सली हमलों का आरोप था। सुरक्षा बलों के इस सफल अभियान से दक्षिण बस्तार और त्रि-राज्य सीमा क्षेत्र में नक्सली संगठन को गहरा झटका लगा है। अधिकारी ने बताया कि इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है।