अमेरिका ने वेनेजुएला पर किए हवाई हमले: काराकास समेत कई शहरों में धमाके, मादुरो ने घोषित किया आपातकाल

काराकस, 03 जनवरी 2026,

 

वेनेजुएला की राजधानी काराकास और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार तड़के जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, जिसके बाद वेनेजुएला सरकार ने अमेरिका पर सैन्य ठिकानों और नागरिक इलाकों पर हवाई हमले का आरोप लगाया। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के अंदर सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाने का आदेश दिया था।

स्थानीय समयानुसार रात करीब 2 बजे शुरू हुए इन हमलों में कम से कम 7 धमाके हुए। निशाने पर काराकास के अलावा मिरांडा, अरागुआ और ला ग्वायरा राज्य शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने शहर के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ते विमानों को देखा और वीडियो में करीब 10 विमानों की झलक मिली, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। रॉयटर्स के अनुसार, कई इलाकों में तेज आवाजें सुनाई दीं और एक बड़े सैन्य अड्डे के पास दक्षिणी क्षेत्र में बिजली गुल हो गई।

अमेरिकी मीडिया सीबीएस न्यूज ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ट्रंप ने वेनेजुएला के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक स्थानों पर हमलों को मंजूरी दी थी। इनमें काराकास का फुएर्ते तिउना (वेनेजुएला का सबसे बड़ा सैन्य परिसर) और ला कार्लोटा एयर बेस शामिल हैं, जहां आग और धुएं के गुबार देखे गए। न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट ने भी पुष्टि की कि धमाके सैन्य सुविधाओं के आसपास केंद्रित थे।

वेनेजुएला के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इसे “गंभीर सैन्य आक्रमण” करार दिया और कहा कि पूरे देश को इस “साम्राज्यवादी हमले” के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तत्काल बैठक की मांग की। मादुरो सरकार ने अमेरिका पर तेल संसाधनों और सत्ता परिवर्तन की मंशा का आरोप लगाया।

यह हमला अमेरिका और वेनेजुएला के बीच महीनों से चल रहे तनाव की परिणति है। ट्रंप प्रशासन मादुरो सरकार पर ड्रग तस्करी और नार्को-टेररिज्म का आरोप लगाता रहा है। पिछले कुछ महीनों में अमेरिका ने कैरेबियन सागर और प्रशांत महासागर में कथित ड्रग नावों पर 30 से ज्यादा हमले किए, जिसमें 110 से अधिक लोग मारे गए। दिसंबर में एक डॉकिंग सुविधा पर भी हमला हुआ था।

 

व्हाइट हाउस और पेंटागन ने अभी आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन अमेरिकी अधिकारी जागरूक होने की बात स्वीकार कर चुके हैं। कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने हमलों की निंदा की और यूएन बैठक की मांग की।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है कि यह घटना क्षेत्रीय अस्थिरता को जन्म दे सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रंप की “ड्रग कार्टेल के खिलाफ युद्ध” नीति का हिस्सा है, लेकिन इससे सत्ता परिवर्तन की कोशिशें तेज हो सकती हैं।

 

 

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