खरसावां गोलीकांड की 78वीं शहादत दिवस पर सीएम हेमंत सोरेन ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की, विशेष आयोग गठन की घोषणा

सरायकेला-खरसावां, 01 जनवरी 2026

 

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज खरसावां गोलीकांड की 78वीं शहादत दिवस पर शहीद पार्क में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने शहीद स्मारक (शहीद बेदी) एवं वीर शहीद केरसे मुंडा चौक स्थित शहीद स्मृति-चिह्न पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

कार्यक्रम में मंत्री दीपक बिरुवा, सांसद जोबा मांझी, विधायक दशरथ गगराई, सुखराम उरांव, समीर मोहंती, सविता महतो, जगत मांझी तथा पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिले के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और हजारों स्थानीय लोग भी शहीदों को नमन करने पहुंचे।

शहीदों के वंशजों के लिए विशेष आयोग का गठन

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में घोषणा की कि खरसावां के वीर शहीदों के वंशजों की पहचान और सम्मान के लिए एक विशेष आयोग गठित किया जाएगा। इस आयोग में रिटायर्ड जज, स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। आयोग ऐतिहासिक दस्तावेजों और स्थानीय परंपराओं के आधार पर शहीद परिवारों की पहचान करेगा और उन्हें सम्मान एवं आर्थिक सहायता प्रदान करेगा। सीएम ने कहा, “आगामी वर्ष तक सभी शहीद परिवारों की पहचान कर समारोह में सम्मानित किया जाएगा। यह हमारा नैतिक दायित्व है कि उनके बलिदान को उचित मान्यता मिले।”

बाबा शिबू सोरेन को भावपूर्ण नमन

मुख्यमंत्री ने दिवंगत झारखंड आंदोलन के नेता बाबा शिबू सोरेन को याद करते हुए कहा, “आज हमारे बीच हमारे पथप्रदर्शक गुरुजी शिबू सोरेन नहीं हैं। उन्होंने आदिवासी अस्मिता और न्याय की लड़ाई को नई दिशा दी। गुरुजी एक विचारधारा हैं, जो सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।”

पेसा कानून से ग्राम स्वराज को मिलेगी मजबूती

सीएम ने राज्य में हाल ही में लागू पेसा कानून का जिक्र करते हुए कहा कि इससे ग्रामसभाएं सशक्त होंगी और जल, जंगल, जमीन पर स्थानीय निर्णय लेने का अधिकार मिलेगा। राज्यभर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि हर ग्रामीण अपने अधिकारों का उपयोग कर सके।

झारखंड का 25वां वर्ष: विकास और सशक्तिकरण का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य की 25वीं वर्षगांठ पर कहा कि राज्य अब विकास की नई राह पर है। शिक्षा और महिला सशक्तिकरण योजनाओं जैसे गुरुजी क्रेडिट कार्ड और मंईयां सम्मान योजना का उल्लेख करते हुए युवाओं से शहीदों के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।

 

खरसावां गोलीकांड (1 जनवरी 1948) को आजाद भारत का एक दर्दनाक अध्याय माना जाता है, जब सरायकेला-खरसावां रियासत के ओडिशा विलय के विरोध में एकत्र आदिवासियों पर पुलिस फायरिंग हुई थी। इस घटना में सैकड़ों-हजारों लोग शहीद हुए थे। हर साल 1 जनवरी को यहां शहादत दिवस मनाया जाता है।

 

 

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *