जम्मू-कश्मीर: आतंक और अलगाववादी नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 300 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी

श्रीनगर, 12 नवंबर 2025

 

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घाटी में आतंकवाद के खिलाफ अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (JeI) से जुड़े 300 से अधिक ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की गई, जिसमें दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में 200 से ज्यादा स्थान शामिल हैं। उत्तर कश्मीर के सोपोर (बारामूला जिला) में भी 30 से अधिक ठिकानों पर समन्वित ऑपरेशन चलाए गए। इस कार्रवाई के दौरान सैकड़ों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि कई डिजिटल उपकरण और आपराधिक सामग्री जब्त की गई है।

कार्रवाई का दायरा और विवरण

पुलिस के अनुसार, यह अभियान विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर शुरू किया गया, जिसमें JeI के सदस्यों द्वारा विभिन्न मोर्चों पर अपनी गतिविधियों को पुनर्जीवित करने के प्रयासों का पता चला। कुलगाम जिले में पिछले चार दिनों में 400 से अधिक कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) चलाए गए, जो ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW), पाकिस्तान-आधारित जम्मू-कश्मीर नेशनल्स (JKNOP), पुराने एनकाउंटर साइट्स और सक्रिय/मृत आतंकियों के ठिकानों पर केंद्रित थे।सोपोर में सोपोर पुलिस ने अन्य सुरक्षा बलों के सहयोग से जिंजर, रफीाबाद और सोपोर क्षेत्रों में 25-30 से अधिक स्थान पर एक साथ छापे मारे। यह जिला-व्यापी काउंटर-टेरर और अलगाववादी इकोसिस्टम के खिलाफ कार्रवाई का हिस्सा था। इसी तरह, पुलवामा, शोपियां, बारामूला और गंदरबल जिलों में भी कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन आयोजित किए गए।

जब्त सामग्री और हिरासत

छापेमारी के दौरान JeI के सदस्यों और उनके सहयोगियों के घरों तथा परिसरों से डिजिटल डिवाइस, आपराधिक दस्तावेज और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई। कई JeI सदस्यों को बाउंड डाउन किया गया है, ताकि आतंकवाद को सहायता देने वाले नेटवर्क को ट्रेस और विघटित किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से दो दर्जन से अधिक लोग, जिनमें हाल ही में गिरफ्तार कश्मीरी डॉक्टरों के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं, हिरासत में हैं। इन डॉक्टरों को फरीदाबाद में जयश-ए-मोहम्मद (JeM) मॉड्यूल से जोड़ा गया है, जो दिल्ली के रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़ा है।

2019 से प्रतिबंधित है जमात – ए – इस्लामी

JeI को केंद्र सरकार ने 2019 में आतंकी लिंक्स के आरोप में UAPA के तहत प्रतिबंधित किया था। इसके बाद से संगठन के शीर्ष नेताओं को जेल भेजा गया और घाटी में इसके नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाइयां की जा रही हैं। यह नवीनतम अभियान दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद में विस्फोटक जब्ती जैसे हालिया घटनाक्रमों के बाद आया है, जो कश्मीर से दिल्ली तक फैले बड़े इकोसिस्टम की ओर इशारा करता है। सुरक्षा एजेंसियां अब डॉक्टरों, अकादमिकों और वित्तीय मोर्चों का उपयोग करने वाले नेटवर्क पर नजर रख रही हैं। पुलिस ने कहा कि यह कार्रवाई घाटी में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सतत प्रयासों का हिस्सा है। घाटी भर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, और आगे की जांच जारी है।

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