श्रीनगर, 15 नवंबर 2025
जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के नौगाम इलाके में स्थित पुलिस स्टेशन में शुक्रवार रात करीब 11:20 बजे एक जबरदस्त विस्फोट हुआ। यह धमाका पुलिस स्टेशन परिसर में रखी गई बड़ी मात्रा में जब्त अमोनियम नाइट्रेट आधारित विस्फोटक सामग्री के दौरान हुआ, जब फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) टीम, पुलिसकर्मी और स्थानीय तहसीलदार सैंपल लेने की प्रक्रिया में थे।
हताहतों की संख्या
- मृतक: विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार 9 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में ज्यादातर पुलिसकर्मी, FSL टीम के सदस्य और श्रीनगर प्रशासन के दो अधिकारी (एक नायब तहसीलदार सहित) शामिल हैं। शवों की पहचान अभी चल रही है।
- घायल: 27 से 30 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें अधिकांश पुलिसकर्मी हैं। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
- घायलों को आर्मी के 92 बेस हॉस्पिटल, SKIMS सौरा और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इलाज जारी है और मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
धमाके का कारण
यह विस्फोट दुर्घटनावश हुआ और किसी आतंकी हमले से इसका कोई संबंध नहीं है। विस्फोटक सामग्री हाल ही में एक बड़े अंतर-राज्यीय आतंकी मॉड्यूल (Jaish-e-Mohammed से जुड़े ‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’) की जांच के दौरान हरियाणा के फरीदाबाद से जब्त की गई थी।
- कुल जब्त सामग्री: लगभग 360 किलोग्राम से 2,900 किलोग्राम तक अमोनियम नाइट्रेट, पोटाश, फॉस्फोरस, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, टाइमर आदि।
- यह मॉड्यूल दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवंबर को हुए कार बम धमाके (13 मौतें) से भी जुड़ा बताया जा रहा है।
- जांच की शुरुआत अक्टूबर में नौगाम क्षेत्र में लगे जैश के धमकी भरे पोस्टरों से हुई थी, जिसके बाद डॉक्टरों और अन्य पेशेवरों की गिरफ्तारियां हुईं।
धमाके की तीव्रता इतनी थी कि पुलिस स्टेशन की इमारत को भारी नुकसान पहुंचा, कई वाहन जलकर खाक हो गए और आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
मौके पर राहत कार्य
- घटना के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
- इलाके को सील कर दिया गया है और बम डिस्पोजल स्क्वॉड ने छोटे-छोटे धमाकों के बाद सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
- जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य एजेंसियां जांच कर रही हैं कि विस्फोटक सामग्री को पुलिस स्टेशन में स्टोर करने और हैंडलिंग में कोई लापरवाही तो नहीं हुई।
यह घटना सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि नौगाम पुलिस स्टेशन ही इस हाई-प्रोफाइल टेरर मॉड्यूल केस की मुख्य जांच कर रहा था। सरकार ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
