पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 ने तोड़े सारे वोटिंग रिकॉर्ड; बंगाल में 91.6%+, तमिलनाडु में 84.7%+ मतदान – छिटपुट घटनाओं के बीच लोकतंत्र का महापर्व

कोलकाता/चेन्नई, 23 अप्रैल 2026

 

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज हुए विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान ने पूरे देश के रिकॉर्ड तोड़ दिए। पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 152 सीटों पर 91.64% (प्रारंभिक आंकड़े, शाम 7 बजे तक) मतदान दर्ज किया गया, जो स्वतंत्रता के बाद राज्य का सबसे ऊंचा प्रतिशत है। वहीं तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 84.69% मतदान हुआ, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सर्वोच्च आंकड़ा है।

चुनाव आयोग ने दोनों राज्यों में मतदाताओं की भारी भागीदारी की सराहना की और इसे “स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक नया मील का पत्थर” बताया। पश्चिम बंगाल में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान चला, जबकि तमिलनाडु में भी यही समय निर्धारित था। शाम 6 बजे के बाद भी जो मतदाता कतार में थे, उन्हें वोट डालने की अनुमति दी गई।

पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड मतदान
पहले चरण में लगभग 3.60 करोड़ मतदाताओं में से 91.64% ने वोट डाला। दोपहर 5 बजे तक मतदान 89.93% पहुंच चुका था। कई क्षेत्रों में 93-95% से ज्यादा मतदान दर्ज हुआ, जिसमें राघुनाथगंज जैसी सीटें शामिल हैं। उत्तर बंगाल से लेकर मुर्शिदाबाद, नंदीग्राम और हुगली तक लंबी कतारें लगी रहीं। मतदाताओं में महिलाओं और युवाओं का उत्साह खास तौर पर देखा गया।

तमिलनाडु में ऐतिहासिक भागीदारी
5.73 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं वाले राज्य में 84.69% मतदान हुआ। दोपहर 5 बजे तक यह आंकड़ा 82.24% था। इससे पहले राज्य का सबसे ऊंचा मतदान 2011 में 78.3% रहा था। चेन्नई, कोयंबटूर, सलेम और तिरुपुर जैसे क्षेत्रों में भी रिकॉर्ड स्तर पर वोटिंग देखी गई। DMK, AIADMK और TVK (विजय) के बीच त्रिकोणीय मुकाबले ने मतदाताओं को और ज्यादा सक्रिय किया।

छिटपुट घटनाएं
मतदान शांतिपूर्ण रहा, लेकिन दोनों राज्यों में कुछ छिटपुट घटनाएं जरूर हुईं। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और दक्षिण दिनाजपुर में टीएमसी-बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प और बम फेंकने की घटनाएं सामने आईं। कुछ जगहों पर वाहनों पर हमले और उम्मीदवारों से जुड़ी छोटी-मोटी शिकायतें भी दर्ज की गईं। तमिलनाडु में भी यहां-वहां छोटी घटनाएं हुईं, लेकिन कुल मिलाकर सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में प्रक्रिया सुचारू रही।

मुख्य मुकाबला

  • पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सत्ता बचाने की लड़ाई में है, जबकि भाजपा उत्तर बंगाल और अन्य क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। नंदीग्राम, मुर्शिदाबाद और उत्तर बंगाल की कई सीटें अहम मानी जा रही हैं।
  • तमिलनाडु: DMK सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है, जबकि AIADMK और TVK (तमिलगा वेट्री कझगम) के साथ त्रिकोणीय संघर्ष है।

आगे का कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को 142 सीटों पर होगी। दोनों राज्यों में वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी।

चुनाव आयोग ने AI आधारित निगरानी, वेबकास्टिंग और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती से मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का दावा किया है। मतदाताओं का यह अभूतपूर्व उत्साह लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है।

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