पश्चिम बंगाल में संतालों का दबदबा, 2021 में 12 विधायक जीतकर पहुंचे थे विधानसभा, आखिर क्या है समीकरण !

पश्चिम बंगाल, 20 अप्रैल 2026

 

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के 72 घंटे बचे हैं और कुछ घंटों में चुनाव प्रचार थम जायेगा। इस पहले फेज में जंगलमहल क्षेत्र के साथ साथ उत्तर बंगाल और पूर्व मिदनापुर व पश्चिम वर्धमान के 152 सीटों पर मतदान होने हैं। इनमें ही ज्यादात्तर वो हिस्से हैं, जिनमें आदिवासियों की जनसंख्या मायने रखती है। वैसे पूरे राज्य में आदिवासियों की जनसख्या लगभग 52 लाख के आसपास है, जिनमें आधे से भी अधिक 25 लाख के करीब संथाल समुदाय से आते हैं। पश्चिम बंगाल की राजनीति में इनकी अहम हिस्सेदारी है, जो राज्य की सबसे बड़ी आदिवासी आबादी है।

2021 के चुनाव परिणाम

पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 11 संथाल समुदाय के विधायक हैं, जिनमें एक सामान्य सीट से जीतकर विधानसभा पहुंची थी। पश्चिम बंगाल में 16 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित, बाकी ST सीटों पर ओरांव, मुंडा, लेपचा आदि अन्य जनजातियों के विधायक हैं। जंगलों वाले क्षेत्र (झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम मेदिनीपुर) और कुछ उत्तरी क्षेत्रों (मालदा, दार्जिलिंग तराई) में संताल आबादी ज्यादा होने के कारण ये सीटें उनके प्रभाव वाली हैं।

संताल विधायकों की सूची

त्रिणमूल कांग्रेस (TMC) से (8)

बीरबाहा हंसदा – झाड़ग्राम (Gen), झाड़ग्राम जिला

दुलाल मुर्मू — नयाग्राम (ST), झाड़ग्राम जिला

परेश मुर्मू — केशियारी (ST), पश्चिम मेदिनीपुर जिला

देवनाथ हंसदा — बिनपुर (ST), झाड़ग्राम जिला

राजीब लोचन सोरेन — बांदवान (ST), पुरुलिया जिला

संध्यारानी टुडू — मानबाजार (ST), पुरुलिया जिला

ज्योत्सना मांडी — रानीबंध (ST), बांकुड़ा जिला

मृत्युंजय मुर्मू — रायपुर (ST), बांकुड़ा जिला

भाजपा (BJP) से

दुर्गा मुर्मू — फांसीदेवा (ST), दार्जिलिंग जिला

जोयेल मुर्मू — हबीबपुर (ST), मालदा जिला

बुधराय टुडू — तपन (ST), दक्षिण दिनाजपुर जिला

कमलाकांत हांसदा – काशीपुर (ST), पुरूलिया जिला

2026 के समीकरण पर नजर

2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान दो चरणों 23 और 29 अप्रैल को सम्पन्न होंगे। संताल और आरक्षित सीटों पर टीएमसी का दबदबा कायम रहे, इसके लिए झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी जोर लगा रही है। सामान्य सीटों पर संताल उम्मीदवार: बेहद दुर्लभ हैं। TMC ने मंगल सोरेन जैसे संताल उम्मीदवार को झाड़ग्राम (Gen) से उतारा है। अन्य सामान्य सीटों पर संताल उम्मीदवार बहुत कम हैं, क्योंकि इन सीटों पर गैर-ST वोट बैंक (बंगाली, मुस्लिम, OBC आदि) निर्णायक होता है।

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