कोलकाता, 12 मई 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता सुजीत बोस को नगर निगम भर्ती घोटाले में सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। यह राज्य में हाल के सत्ता परिवर्तन के बाद पहली बड़ी राजनीतिक गिरफ्तारी मानी जा रही है।
सुजीत बोस अपने बेटे समुद्र बोस के साथ सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे ED के कोलकाता कार्यालय पहुंचे थे। एजेंसी ने उनसे लगभग 10 घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद रात में उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोप क्या हैं?
ED के अनुसार, सुजीत बोस पर 2014 से 2018 के बीच साउथ दमदम नगर निगम (South Dum Dum Municipal Corporation) में करीब 150 लोगों की अवैध भर्ती कराने का आरोप है। उस समय वे दमदम नगर पालिका के उपाध्यक्ष पद पर थे। जांच एजेंसी का दावा है कि सुजीत बोस ने भर्तियों के बदले में पैसे और फ्लैट्स लिए थे। यह घोटाला नगर निगम के विभिन्न पदों पर बिना प्रक्रिया के लोगों को नौकरी दिलाने से जुड़ा है।
सुजीत बोस TMC के प्रभावशाली नेता रहे हैं और पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। हाल ही में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भर्ती घोटालों की जांच तेज हुई है, जिसमें अब सुजीत बोस पहली प्रमुख राजनीतिक कड़ी बन गए हैं। ED की टीम सुजीत बोस और उनके बेटे से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी और दस्तावेजों की जांच भी कर रही है। आगे की पूछताछ के लिए उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
