पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों पर कानूनी जंग तेज! ममता बनर्जी और TMC नए आवेदन दायर कर सकेंगी, सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान

नई दिल्ली/कोलकाता (11 मई 2026):
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों को लेकर कानूनी लड़ाई और तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दावों पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है कि मतदाता सूची के विशेष संशोधन (Special Intensive Revision – SIR) के दौरान नाम हटाए जाने से कम से कम 31 सीटों पर चुनाव परिणाम प्रभावित हुए हैं।मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तथा अन्य TMC नेताओं को इन दावों के संबंध में नए आवेदन दायर करने की अनुमति देने का संकेत दिया है।
TMC का मुख्य आरोप
TMC का कहना है कि कई ऐसी सीटें हैं जहां जीत का अंतर SIR प्रक्रिया के दौरान हटाए गए वोटों की संख्या से कम था। TMC की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कल्यान बनर्जी ने अदालत को बताया कि इन 31 सीटों पर नाम हटाने की प्रक्रिया ने सीधे तौर पर चुनावी नतीजों को प्रभावित किया। एक उदाहरण में यह दावा किया गया कि जहां एक उम्मीदवार मात्र 862 वोटों से हारा, वहीं उस सीट पर 5,000 से अधिक वोटर अपीलें लंबित थीं।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
पीठ ने TMC के इन दावों पर गंभीरता से संज्ञान लिया और प्रभावित पक्षों को चुनाव कानून के तहत उचित उपाय अपनाने की अनुमति दी। चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि चुनाव संबंधी शिकायतों के लिए चुनाव याचिका (Election Petition) ही उचित माध्यम है, लेकिन अदालत ने TMC को अलग-अलग नए आवेदन दायर करने की गुंजाइश दी है।
पृष्ठभूमि:
SIR प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल में लाखों नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे, जिसे लेकर TMC ने पहले भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भाजपा ने भारी बहुमत हासिल किया, जबकि TMC सत्ता से बाहर हो गई। TMC इन नतीजों को SIR से जोड़कर चुनौती दे रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *