टीएमसी में बड़ा विद्रोह: 20 लोकसभा सांसदों ने NDA को समर्थन देने का फैसला, स्पीकर ओम बिरला को पत्र भेजा

नई दिल्ली/कोलकाता, 8 जून 2026

 

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद अब पार्टी के लोकसभा सांसदों ने भी ममता बनर्जी का साथ छोड़ने का फैसला कर लिया है। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, TMC के 28 लोकसभा सांसदों में से करीब 20 ने BJP-led NDA सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया है।

वरिष्ठ TMC सांसद और पार्टी की लोकसभा मुख्य सचेतक काकोली घोष दस्तीदार ने सोमवार को PTI से बातचीत में यह बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “मेरे समेत लगभग 20 TMC सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर NDA का समर्थन करने का फैसला बताया है। हमने लोकसभा स्पीकर को पहले ही अपनी स्थिति से अवगत करा दिया है।”

मुख्य बिंदु:

  • सांसदों की संख्या: TMC के कुल 28 लोकसभा सांसदों में से 20 ने NDA के साथ जाने का फैसला किया है। इससे TMC के लोकसभा दल में स्पष्ट विभाजन हो गया है।
  • पत्र भेजा: काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में सांसदों के समूह ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र भेजा है, जिसमें NDA को समर्थन देने और अलग गुट के रूप में काम करने की इच्छा जताई गई है।
  • कारण: सांसदों ने पश्चिम बंगाल में जनादेश को स्वीकार करते हुए कहा कि पार्टी का भविष्य अब NDA के साथ जुड़कर बेहतर होगा।

यह घटनाक्रम हाल ही में TMC विधायकों के विद्रोह के बाद आया है, जिससे ममता बनर्जी की पार्टी में गहरा संकट पैदा हो गया है। पश्चिम बंगाल में हालिया विधानसभा चुनावों में TMC को भारी हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद पार्टी में असंतोष बढ़ गया।काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि यह फैसला सांसदों के बीच व्यापक चर्चा के बाद लिया गया है। उन्होंने खुद को अभी भी TMC की लोकसभा मुख्य सचेतक बताया।

विद्रोही गुट (Rebel MPs) के प्रमुख नाम (सूत्रों के अनुसार):

  • काकोली घोष दस्तीदार (Barasat) — विद्रोह का नेतृत्व कर रही हैं, लोकसभा चीफ व्हिप।
  • शर्मिला सरकार (Bardhaman Purba)
  • अरूप चक्रवर्ती (Bankura)
  • असित कुमार माल (Bolpur)
  • परथा भौमिक (Barrackpore)
  • जून मलिया (Medinipur)
  • सताब्दी रॉय (Birbhum)
  • रचना बनर्जी (Hooghly)
  • यूसुफ पठान (Baharampur)
  • प्रसून बनर्जी (Howrah)
  • देव (दीपक अधिकारी) (Ghatal)
  • शत्रुघ्न सिन्हा (Asansol) और अन्य।

TMC पर क्या असर?
यदि 20 सांसद NDA के साथ चले जाते हैं तो TMC के पास लोकसभा में सिर्फ 8 सांसद रह जाएंगे। इससे न केवल ममता बनर्जी की पार्टी कमजोर होगी, बल्कि NDA की लोकसभा ताकत भी बढ़ेगी। अभी तक TMC की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्थिति तेजी से बदल रही है और आगे की घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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