नई दिल्ली/कोलकाता, 9 जनवरी 2026
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आईटी सेल प्रमुख और आई-पैक (I-PAC) के प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के विरोध में पार्टी ने दिल्ली से कोलकाता तक जोरदार प्रदर्शन किया। शुक्रवार सुबह दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर टीएमसी के 8 सांसदों ने धरना दिया, जिस दौरान पुलिस के साथ धक्कामुक्की हुई और सभी सांसदों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख सांसदों में डेरेक ओ’ब्रायन, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद, सताब्दी रॉय, साकेत गोखले, प्रतिमा मोंडल, बापी हलदार और शर्मिला सरकार शामिल थे। सांसदों ने प्लेकार्ड्स के साथ नारे लगाए – “बंगाल में मोदी-शाह की गंदी चालें नहीं चलेंगी”। वे ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताते हुए केंद्र सरकार पर हमलावर रहे।
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने सांसदों को हटाने की कोशिश की, जिससे धक्कामुक्की हुई। कुछ सांसद गिर भी गए। पुलिस ने सुबह करीब 10 बजे सभी 8 सांसदों को हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने ले गई। दोपहर 12 बजे के आसपास उन्हें रिहा कर दिया गया।
महुआ मोइत्रा ने हिरासत के बाद मीडिया से कहा, “देखिए, चुने हुए सांसदों के साथ कैसा व्यवहार किया जा रहा है। क्या लोकतंत्र में आवाज उठाना भी गुनाह हो गया है?” डेरेक ओ’ब्रायन ने भी इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया।
पृष्ठभूमि
गुरुवार को ईडी ने कोलकाता और दिल्ली में आई-पैक से जुड़े 10 ठिकानों पर छापे मारे, जो कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित हैं। टीएमसी का आरोप है कि यह छापेमारी पार्टी के आंतरिक दस्तावेज और चुनावी रणनीति जब्त करने की कोशिश है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं और ईडी पर गंभीर आरोप लगाए। वहीं, ईडी ने ममता पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया है।कोलकाता में आज ममता बनर्जी के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन मार्च निकाला जाएगा। यह मामला 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रहा है।
