चाईबासा/रांची, 9 जनवरी 2026
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मझगांव प्रखंड के झारखंड-ओडिशा सीमा क्षेत्र में स्थित बेनीसागर गांव में शुक्रवार को एक जंगली हाथी के हमले में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।मृतकों में 40 वर्षीय प्रकाश मालवा और एक नाबालिग बच्चा शामिल है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं।
इस ताजा घटना के साथ ही पिछले 9 दिनों में जिले में हाथी के हमलों से मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। ज्यादातर हमले एक अकेले दंतैल हाथी द्वारा किए गए हैं, जो रात के समय गांवों में घुसकर सोते हुए लोगों पर हमला कर रहा है।
वन विभाग की टीम हाथी को ट्रैंकुलाइज कर जंगल में वापस भेजने की कोशिश कर रही है, लेकिन घने जंगल और हाथी की रात में छिपने की आदत के कारण उसे ट्रैक करना मुश्किल हो रहा है। ड्रोन की मदद भी ली जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हाथी मस्ट (उत्तेजित अवस्था) में है, जिससे उसका व्यवहार आक्रामक हो गया है।
जिले के गोइलकेरा, नोआमुंडी, हाटगमहरिया और मनोहरपुर जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा हमले हुए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है और मुआवजे के साथ-साथ स्थायी समाधान की मांग की है।
मानव-वन्यजीव संघर्ष के इस बढ़ते खतरे ने पूरे क्षेत्र में दहशत पैदा कर दी है। जिला प्रशासन ने प्रभावित गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की योजना बनाई है।
