दुमका में ग्राम सभा सशक्तिकरण अभियान: ग्रामीणों को अधिकारों और योजनाओं की जानकारी, संथाली भाषा-संस्कृति के संरक्षण पर जोर

दुमका, 18 मार्च 2026

 

दुमका के सर्किट हाउस में ट्राईबल रूरल एग्रीकल्चर डेवलपमेंट एजुकेशन संस्था (Tribal Rural Agriculture Development Education Sanstha) के तत्वावधान में ग्राम सभा सशक्तिकरण एवं जागरूकता अभियान के अंतर्गत एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में विभिन्न गांवों के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सक्रिय सहभागिता निभाई।बैठक की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष सरदार हेम्ब्रम ने की। इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों को ग्राम सभा के अधिकारों, कर्तव्यों तथा इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही, शासन-प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा कर लोगों को जागरूक किया गया। बैठक में ग्राम सभा को सशक्त बनाने और उसके सही उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

विशेष रूप से, सक्रिय सदस्य सुभाष किस्कू ने संथाली भाषा एवं ओल चिकी लिपि के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए सभी से अपनी भाषा और संस्कृति को संजोने तथा आगे बढ़ाने की अपील की।

अध्यक्ष सरदार हेम्ब्रम ने अपने संबोधन में कहा,
“ग्राम सभा को मजबूत करना ही ग्रामीण विकास की सबसे बड़ी कुंजी है। जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे, तब तक योजनाओं का सही लाभ नहीं मिल पाएगा।”

बैठक में सचिव सुधीर मुर्मू, सक्रिय सदस्य सुभाष किस्कू, कमिश्नर मुर्मू, राजाधन हेम्ब्रम, बाहाफुल हेंब्रम, चंद्रमोहन मरांडी, मदन टुडू, संजीत मरांडी, रामप्रसाद हांसदा, देवीलाल हांसदा, भगवान दास मुर्मू, कालीचरण हेंब्रम, सोनाधन बेसरा, होपना मुर्मू सहित अन्य गणमान्य सदस्य और ग्रामीण उपस्थित रहे।

बैठक के समापन पर सभी उपस्थित ग्रामीणों से अपील की गई कि वे जागरूक बनें, ग्राम सभा की बैठकों में नियमित रूप से भाग लें तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने गांव के समग्र विकास में योगदान दें। यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने और आदिवासी समुदाय के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्था द्वारा ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से जारी रखने की योजना है।

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