नई दिल्ली/इम्फाल, 3 फरवरी 2026
मणिपुर में एक साल से अधिक समय से चले आ रहे राष्ट्रपति शासन के बाद राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिल्ली में अपनी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक में युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुना है। 62 वर्षीय युमनाम खेमचंद सिंह अब मणिपुर के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। वे मणिपुर में बीजेपी के दूसरे मुख्यमंत्री होंगे (पहले एन. बीरेन सिंह थे)।
दिल्ली बैठक और फैसले की प्रक्रियाबीजेपी हाईकमान ने मणिपुर के सभी विधायकों और एनडीए सहयोगियों को दिल्ली बुलाया था। पार्टी मुख्यालय में हुई लंबी चर्चा और केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुग की मौजूदगी में विधायकों ने सर्वसम्मति से युमनाम खेमचंद सिंह को विधायक दल का नेता चुन लिया। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह भी शामिल थे। इस फैसले के बाद अब विधायक दल एनडीए सहयोगियों के साथ बैठक करेगा और राज्यपाल को सरकार गठन का दावा पेश किया जाएगा। राष्ट्रपति शासन 13 फरवरी को समाप्त होने वाला है, ऐसे में नई सरकार का गठन जल्द संभव है।

कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह?
- उम्र: 62 वर्ष
- विधानसभा क्षेत्र: सिंगजामेई (Singjamei) से दो बार (2017 और 2022) विधायक चुने गए।
- समुदाय: मेइतेई (Meitei) समुदाय से संबंधित।
- पिछले प्रमुख पद:
- मणिपुर विधानसभा के स्पीकर (2017-2022)।
- एन. बीरेन सिंह सरकार में कैबिनेट मंत्री (म्यूनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन, हाउसिंग डेवलपमेंट, रूरल डेवलपमेंट, पंचायती राज और शिक्षा विभाग सहित)।
- विशेष: वे ताइक्वांडो में ब्लैक बेल्ट (5th Dan) धारक हैं और खेल-कूद के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। हाल ही में उन्हें ग्लोबल ट्रेडिशनल ताइक्वांडो फेडरेशन से यह सम्मान मिला।
- राजनीतिक महत्व: जातीय हिंसा प्रभावित राज्य में मेइतेई समुदाय के प्रमुख नेता के रूप में उनकी छवि मजबूत है। उन्होंने कुकी राहत शिविरों का दौरा कर शांति की अपील भी की थी।
मणिपुर का संकट और नई उम्मीद
मणिपुर में मई 2023 से मेइतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच हिंसा जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने फरवरी 2025 में इस्तीफा दिया था, जिसके बाद 13 फरवरी 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू हुआ और संसद ने इसे दो बार बढ़ाया। बीजेपी की मजबूत बहुमत वाली स्थिति में युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार शांति बहाली, विकास और समुदायों के बीच विश्वास बहाली पर फोकस करेगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सभी समुदायों के समर्थन और स्थिरता के लिए लिया गया है।
शपथ ग्रहण की तारीख जल्द घोषित होने की संभावना है। यह विकास मणिपुर में लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक अनिश्चितता को खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
