चेन्नई, 21 जनवरी 2026
अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कझगम (AMMK) के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने बुधवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में औपचारिक रूप से वापसी की है। दिनाकरन ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात कर राज्य में “अच्छे शासन” के लिए अपनी पार्टी का समर्थन व्यक्त किया। यह कदम 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले NDA के लिए एक बड़ा मजबूती का संकेत है, जहां गठबंधन सत्तारूढ़ DMK-कांग्रेस गठबंधन को हराने का लक्ष्य रखता है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और फैसला
AMMK की NDA में वापसी दिनाकरन के लिए एक बड़ा राजनीतिक यू-टर्न है। पहले उन्होंने AIADMK महासचिव एडप्पड़ी के पलानीस्वामी को “गद्दार” कहा था और उनके नेतृत्व में काम करने से इनकार किया था। लेकिन अब दिनाकरन ने पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, “यह सहयोगियों के बीच का विवाद था। हम जयललिता के सच्चे अनुयायी हैं और एकजुट होकर अम्मा का शासन, लोगों का शासन और अच्छा शासन लाएंगे।” दिनाकरन ने DMK सरकार पर कानून-व्यवस्था की गिरावट और नशे की समस्या पर नियंत्रण न करने का आरोप लगाया।
पीयूष गोयल, जो BJP के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी हैं, ने इस गठबंधन की पुष्टि की और कहा कि यह “एंटी-भारत DMK गठबंधन” को हराने में मदद करेगा। दक्षिणी तमिलनाडु के थेवर समुदाय में मजबूत आधार रखती है, और यह कदम NDA को वोटों को एकजुट करने में फायदा पहुंचाएगा।
मुलाकात और आगे की रणनीति
दिनाकरन ने सुबह 11 बजे पीयूष गोयल से मुलाकात की, जहां चुनावी रणनीति पर चर्चा हुई। AIAMMK को NDA में 7 विधानसभा सीटें मिलने की संभावना है, विशेष रूप से थेणी और शोलिंगुर जैसे इलाकों में। AIADMK ने इस कदम पर कोई आपत्ति नहीं जताई, बशर्ते पलानीस्वामी की मंजूरी हो। यह गठबंधन NDA के लिए बूस्ट है, जो 23 जनवरी को चेन्नई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली से अपनी चुनावी मुहिम शुरू करेगा। AMMK भी इस रैली में अपनी ताकत दिखाएगी।
AMMK के लिए चिंताएं
AMMK के कई समर्थक इस फैसले से चिंतित हैं, क्योंकि इससे पार्टी का “ऑर्गेनिक एंटी-ईपीएस वोट बेस” कमजोर हो सकता है। दिनाकरन ने कहा कि समझौते से उनकी पार्टी कमजोर नहीं होगी और यह तमिलनाडु के हित में है।
