हजारीबाग केंद्रीय जेल से तीन उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों की फरारी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


हजारीबाग, 31 दिसंबर 2025

 

लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारागार (जेपी कारा) से तीन उम्रकैद की सजा भुगत रहे कैदियों के फरार होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। जेल में पांच लेयर की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद कैदियों का भाग निकलना जेल प्रशासन की गंभीर चूक को उजागर कर रहा है। इस घटना से सुरक्षा प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।सूत्रों के अनुसार, फरार हुए तीनों कैदी धनबाद जिले के मूल निवासी बताए जा रहे हैं। ये कैदी गंभीर अपराधों में दोषी ठहराए गए थे और आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। जेल से फरार होने की यह घटना हाल की रात में हुई मानी जा रही है, हालांकि अभी तक फरारी का सटीक तरीका स्पष्ट नहीं हो सका है।

घटना की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल अधिकारियों ने तुरंत जिला पुलिस को सूचना दी और मदद मांगी। हजारीबाग पुलिस ने फरार कैदियों की गिरफ्तारी के लिए बड़े पैमाने पर छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। आसपास के जिलों समेत धनबाद और रांची में भी पुलिस टीमें सक्रिय हो गई हैं। पुलिस ने कैदियों की तस्वीरें और विवरण जारी कर आमजन से सूचना मांगने की अपील की है।जेपी कारा में पांच लेयर सुरक्षा व्यवस्था होने का दावा किया जाता है, जिसमें हाई वॉल, बार्बड वायर, सीसीटीवी कैमरे और सशस्त्र गार्ड शामिल हैं। ऐसे में उम्रकैद के कैदियों का फरार होना जेल की निगरानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना आंतरिक मिलीभगत या सुरक्षा में बड़ी लापरवाही का संकेत हो सकती है।

जेल अधीक्षक ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की है। फरार कैदियों के जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन यह घटना राज्य की जेल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है।

यह घटना स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है और लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा कर रही है। आगे की अपडेट के लिए नजर बनाए रखें।

 

 

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