पटना, 5 मार्च 2026
बिहार विधानसभा में आज गुरुवार को एनडीए गठबंधन के पांच उम्मीदवारों ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया, जिसमें तीन अलग-अलग दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष शामिल थे। यह घटना बिहार की सियासत में एक अनोखा और ऐतिहासिक दृश्य बन गई, क्योंकि इतने उच्च स्तरीय नेताओं का एक साथ नामांकन करना पहले कभी नहीं देखा गया।
नामांकन करने वाले प्रमुख उम्मीदवार:
- नीतीश कुमार (जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री)
- नितिन नवीन (भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष)
- उपेंद्र कुशवाहा (राष्ट्रीय लोक मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष)
इनके अलावा एनडीए के अन्य उम्मीदवार रामनाथ ठाकुर (जदयू) और शिवेश कुमार (भाजपा) ने भी पर्चा दाखिल किया। पूरी प्रक्रिया केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में पूरी हुई। अमित शाह, नीतीश कुमार और नितिन नवीन एक ही गाड़ी से विधानसभा पहुंचे, जिसने एनडीए की मजबूत एकजुटता का मजबूत संदेश दिया।
यह पहली बार है जब बिहार की राजनीति में तीन राष्ट्रीय अध्यक्षों ने एक साथ राज्यसभा के लिए नामांकन किया। इस घटना ने राजनीतिक महत्व को कई गुना बढ़ा दिया है, खासकर तब जब नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति की चर्चाएं जोरों पर हैं। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, और नई सरकार का गठन हो सकता है—संभवतः भाजपा के नेतृत्व में।
एनडीए बिहार की 5 राज्यसभा सीटों पर मजबूत स्थिति में है, और इस नामांकन से गठबंधन की स्थिरता व राष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रभाव साफ नजर आ रहा है। अमित शाह ने नामांकन के बाद कहा कि यह बिहार के विकास और एनडीए की एकता का प्रतीक है।
पटना में जदयू कार्यालय में तोड़फोड़, सीएम आवास के बाहर हंगामा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने की खबरों ने जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। आज गुरुवार को पटना में जदयू कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास के बाहर कार्यकर्ताओं का जमकर हंगामा हुआ, जिसमें कई जगहों पर तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नीतीश कुमार को बिहार की सक्रिय राजनीति से दूर करने की “सोची-समझी साजिश” रची गई है, और वे इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। कई कार्यकर्ता भावुक होकर फूट-फूटकर रोते नजर आए, जबकि कुछ ने “नीतीश कुमार बिहार के हैं, उन्हें दिल्ली नहीं जाने देंगे” जैसे नारे लगाए।
