दुमका के खेरी बारी गांव में पहाड़िया टोला के आदिवासियों को झेलना पड़ रहा है गंभीर पेयजल संकट

दुमका (स.प.), 22 मार्च 2026

 

गोपीकांदर प्रखंड अंतर्गत खेरी बारी गांव के पहाड़िया टोला में स्वच्छ पेयजल की कमी ने आदिवासी परिवारों की जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। यहां करीब 50 पहाड़िया आदिवासी परिवार पिछले लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं।

टोला में कुल दो सोलर जल टंकी और पांच चापाकल स्थापित हैं, लेकिन इनमें से सभी चापाकल पिछले 1-2 वर्षों से खराब पड़े हुए हैं। दोनों सोलर टंकी में से एक लगभग दो वर्षों से पूरी तरह बंद है, जबकि दूसरी भी ठीक से काम नहीं कर रही है। परिणामस्वरूप, पूरे टोले को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।

ग्रामीणों को मजबूरन लगभग एक किलोमीटर दूर खेत के पास स्थित झरना और कुएं से पानी लाना पड़ रहा है। प्रदूषित पानी पीने से सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियां फैल रही हैं। साथ ही, जंगल के पथरीले रास्तों से गुजरते समय दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।

ग्रामीणों ने बताया कि दो महीने पहले उन्होंने प्रखंड कार्यालय में लिखित आवेदन दिया था। आवेदन के बाद मिस्त्री भी गांव आए थे, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। इसके अलावा, टोले में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में एक वर्ष पहले पानी की टंकी और नल लगाए गए थे, लेकिन आज तक नल से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। इससे केंद्र में बच्चों को भी पेयजल की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल मांग की है कि सोलर टंकी एवं चापाकलों की मरम्मत कराई जाए तथा आंगनबाड़ी केंद्र में नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

इस मौके पर रमेश देहरी, राजेश कुंवर, दुर्गी महारानी, सुकली महारानी, लीलावती महारानी, रूपी महारानी, शांति महारानी, फुलमुनी महारानी, प्रिया कुमारी, रामजीत देहरी, लाखिंदर देहरी, अर्जुन देहरी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *