पटना/भुवनेश्वर/चंडीगढ़/नई दिल्ली, 17 मार्च 2026
राज्यसभा की द्विवार्षिक चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने मजबूत प्रदर्शन किया है। बिहार में एनडीए ने सभी 5 सीटें जीत लीं, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (जदयू) और बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित सभी उम्मीदवार निर्वाचित हुए। ओडिशा में एनडीए समर्थित उम्मीदवारों ने 4 में से 3 सीटें हासिल कीं, जबकि हरियाणा की 2 सीटों के नतीजे मतदान गोपनीयता के उल्लंघन के आरोपों के कारण अभी घोषित नहीं हुए हैं और काउंटिंग होल्ड पर है। कुल 11 सीटों (बिहार-5, ओडिशा-4, हरियाणा-2) पर हुए मतदान में एनडीए ने 8 सीटें जीतीं।बिहार: एनडीए का पूर्ण प्रभुत्व, सभी 5 सीटें जीतींबिहार विधानसभा में एनडीए के मजबूत बहुमत के चलते सभी 5 उम्मीदवार आसानी से निर्वाचित हुए। महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस) के कई विधायकों की अनुपस्थिति और क्रॉस वोटिंग से विपक्ष को झटका लगा।
सीएम नीतीश कुमार और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहुंचे राज्यसभा
विजयी उम्मीदवार:
- नीतीश कुमार (जदयू) – बिहार के मुख्यमंत्री, राज्यसभा में प्रवेश।
- नितिन नवीन (बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष) – पार्टी की राष्ट्रीय मजबूती का संकेत।
- रामनाथ ठाकुर (जदयू, केंद्रीय मंत्री) – पुनर्निर्वाचित।
- उपेंद्र कुशवाहा (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) – पुनर्निर्वाचित।
- शिवेश कुमार (बीजेपी) – नया चेहरा।
एनडीए के सभी 202 विधायक मौजूद रहे, जबकि महागठबंधन के केवल 37 विधायक वोट डालने पहुंचे।
ओडिशा: एनडीए ने 3 सीटें जीतीं, क्रॉस वोटिंग से बड़ा उलटफेर
ओडिशा में 4 सीटों के लिए हुए चुनाव में बीजेपी और उसके समर्थित उम्मीदवारों ने शानदार प्रदर्शन किया। बीजेडी-कांग्रेस गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार को झटका लगा, जहां क्रॉस वोटिंग के आरोप लगे।
विजयी उम्मीदवार:
- मनमोहन सामल (बीजेपी राज्य अध्यक्ष) – जीत।
- सुजीत कुमार (बीजेपी) – पुनर्निर्वाचित।
- दिलीप रे (बीजेपी समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवार) – रिकॉर्ड वोटों के साथ जीत, सबसे ज्यादा वोट प्राप्त।
- संत्रुप्त मिश्रा (बीजेडी) – एकमात्र बीजेडी उम्मीदवार जीता।
बीजेडी ने क्रॉस वोटिंग और हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगाए, लेकिन बीजेपी ने इसे “जनादेश” बताया।
हरियाणा: नतीजे होल्ड, गोपनीयता उल्लंघन के आरोप
हरियाणा में 2 सीटों पर मतदान हुआ, जहां बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर बोध उम्मीदवार थे। काउंटिंग के दौरान बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने एक-दूसरे पर वोट गोपनीयता उल्लंघन के आरोप लगाए, जिसके कारण काउंटिंग रोक दी गई। बाद में कुछ रिपोर्टों में दोनों को एक-एक सीट मिलने की बात कही गई, लेकिन आधिकारिक घोषणा बाकी है। यह चुनाव राज्यसभा में एनडीए की स्थिति को और मजबूत करने वाला रहा है, जबकि विपक्ष में एकजुटता की कमी दिखी। अन्य राज्यों में ज्यादातर उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे।
