ED ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका: ममता बनर्जी, DGP राजीव कुमार और पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग

नई दिल्ली/कोलकाता, 12 जनवरी 2026

 

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की है, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार और कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा (कुछ रिपोर्टों में मनोज कुमार वर्मा) के खिलाफ FIR दर्ज करने और CBI जांच की मांग की गई है।

यह याचिका 8 जनवरी 2026 को राजनीतिक कंसल्टेंसी फर्म Indian Political Action Committee (I-PAC) के कोलकाता ऑफिस और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास पर ED की छापेमारी के दौरान कथित बाधा और सबूतों के साथ छेड़छाड़ के आरोपों पर आधारित है। ED का दावा है कि यह छापेमारी कोल पिलफरेज स्कैम (कोयला चोरी घोटाला, लगभग 2,742 करोड़ रुपये) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच का हिस्सा थी।

ED के मुख्य आरोप

  • ममता बनर्जी ने व्यक्तिगत रूप से छापेमारी स्थलों पर पहुंचकर ED अधिकारियों को “wrongful restraint” (गैरकानूनी रोक) में डाला।
  • उन्होंने ED अधिकारियों से जब्त किए गए महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य डिजिटल डिवाइस “चुरा लिए” या जब्त कर लिए।
  • मुख्यमंत्री के साथ TMC कार्यकर्ताओं और पुलिस ने 4 घंटे तक ऑफिस में रुककर जांच में बाधा डाली।
  • राज्य पुलिस ने ED अधिकारियों को धमकाया, धमकी दी और जांच को रोकने की कोशिश की।
  • ED ने इसे “सबूतों की चोरी, तोड़फोड़ और जांच में बाधा” करार दिया, जो गंभीर संज्ञेय अपराध है।

याचिका में तीन ED सहायक निदेशकों — निशांत कुमार, विक्रम अहलावत और प्रशांत चंदीला — ने हस्ताक्षर किए हैं। ED ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि:

  • CBI द्वारा FIR दर्ज की जाए और जांच हो।
  • राज्य सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगे।
  • जांच की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जाए।

घटना का क्रम

  • 8 जनवरी 2026 को ED ने I-PAC के सेक्टर-V ऑफिस और प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट आवास पर सुबह छापेमारी शुरू की।
  • दोपहर करीब 12 बजे ममता बनर्जी पहुंचीं, पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा और अन्य TMC नेता भी मौजूद थे।
  • ममता ने दावा किया कि ED TMC के चुनावी दस्तावेज, उम्मीदवार सूची और रणनीति जब्त करने की कोशिश कर रहा था।
  • उन्होंने “ग्रीन फोल्डर” और अन्य सामग्री अपने साथ ले लीं।
  • ED ने कलकत्ता हाई कोर्ट में भी याचिका दायर की थी, लेकिन कोर्ट में हंगामा होने से सुनवाई 14 जनवरी तक टल गई।

TMC और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

पश्चिम बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर किया है कि कोई आदेश बिना सुनवाई के न पारित हो। TMC ने ED की कार्रवाई को “राजनीतिक बदले की भावना” और “चुनावी हस्तक्षेप” बताया है। ममता बनर्जी ने कहा कि केंद्र ED का दुरुपयोग कर TMC को कमजोर करने की साजिश रच रहा है।

पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले यह घटना बड़ा विवाद बन चुकी है। BJP ने ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग की है, जबकि TMC इसे “केंद्र की साजिश” बता रही है। ED और TMC के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा है, और यह मामला केंद्र-राज्य संबंधों को और तनावपूर्ण बना सकता है।सुप्रीम कोर्ट में याचिका की सुनवाई जल्द होने की संभावना है। मामला अभी भी गर्म है और आगे की जांच पर निर्भर करेगा।

 

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