रांची, 31 जनवरी 2026
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार की पत्नी प्रीति कुमार को जमीन घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत नोटिस जारी किया है। एजेंसी ने रांची के बरियातू रोड पर स्थित बर्लिन अस्पताल की जमीन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल परिसर की जमीन की खरीद-बिक्री में अनियमितताओं की आशंका है, जिसके चलते संबंधित पक्षों से कागजात तलब किए जा रहे हैं।प्रीति कुमार, जो वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अविनाश कुमार की पत्नी हैं, को ED ने पहले भी इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था। अविनाश कुमार झारखंड सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी हैं और वे गृह विभाग तथा विकास आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। ED की जांच में पता चला है कि प्रीति कुमार के पास रांची के केंद्रीय इलाके में एक महंगी जमीन है, जहां बर्लिन अस्पताल का निर्माण हुआ है। आरोप है कि अस्पताल के पार्किंग स्पेस के लिए लगभग 20 डेसिमल सरकारी जमीन को अवैध रूप से हड़प लिया गया।
यह मामला ED की भारतीय सेना की जमीन घोटाला जांच के दौरान सामने आया, जहां आरोपी राजस्व कर्मचारी भानु प्रताप प्रसाद से जब्त दस्तावेजों में बर्लिन अस्पताल की जमीन से जुड़ी अनियमितताएं उजागर हुईं। ED ने प्रीति कुमार को 3 जनवरी 2024 को पहला समन जारी किया था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुईं। उसके बाद 12 जनवरी 2024 को दूसरा समन जारी किया गया, और वे ED के रांची जोनल कार्यालय में पूछताछ के लिए हाजिर हुईं। एजेंसी ने उन्हें जांच से जुड़ी जमीन के सभी दस्तावेज 10 दिनों के भीतर जमा करने का निर्देश दिया है।
ED का कहना है कि यह जांच झारखंड में बड़े पैमाने पर चल रहे जमीन घोटाले का हिस्सा है, जिसमें कई उच्च पदस्थ अधिकारी और राजनीतिक हस्तियां शामिल हो सकती हैं। पूर्व में ED ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मंत्री आलमगीर आलम और अन्य को भी इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार या पूछताछ की है। एजेंसी का दावा है कि इन घोटालों में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी जमीनों को निजी हाथों में स्थानांतरित किया गया और इससे प्राप्त आय को मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से छिपाया गया।
नोटिस जारी होने के बाद झारखंड के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। कई विपक्षी नेता इस जांच को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं, जबकि सत्ताधारी दल ने इसे कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया है। ED के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हम लेनदेन की पूरी कड़ी को स्पष्ट करने के लिए सभी पक्षों से जानकारी जुटा रहे हैं। यदि अनियमितताएं साबित हुईं, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
इस मामले में आगे की जांच जारी है, और ED जल्द ही अन्य संबंधित व्यक्तियों को भी समन जारी कर सकती है। प्रीति कुमार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
