ढाका, 6 जनवरी 2026
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हिंसा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला नरसिंगड़ी जिले का है, जहां एक 40 वर्षीय हिंदू किराना दुकान मालिक सरत मणि चक्रवर्ती की सोमवार रात करीब 10 बजे तेज हथियारों से हमला कर हत्या कर दी गई। चक्रवर्ती को गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यह घटना पिछले 24 घंटों में हिंदू व्यक्ति की हत्या का दूसरा मामला है।
पुलिस के अनुसार, चक्रवर्ती अपनी किराना दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर तेज धार वाले हथियारों से हमला किया। घटना की जांच चल रही है, लेकिन अभी तक हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह हमला धार्मिक आधार पर हो सकता है, क्योंकि हाल के महीनों में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों में वृद्धि देखी गई है। हिंदू समुदाय बांग्लादेश की कुल आबादी का लगभग 7 प्रतिशत है और राजनीतिक अस्थिरता के दौरान वे अक्सर निशाने पर आते रहे हैं।
इससे पहले, सोमवार शाम को ही जशोर जिले के कोपालिया बाजार इलाके में 45 वर्षीय हिंदू फैक्ट्री मालिक और एक समाचार पत्र के कार्यकारी संपादक राणा प्रताप की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए, राणा से बहस की और उनके सिर पर कई गोलियां दागीं। हमलावरों ने उनका गला भी रेत दिया। घटनास्थल पर सात गोलियों के खोखे मिले। राणा केशबपुर उप-जिले के आरुआ गांव के निवासी थे और उनके पिता एक स्कूल शिक्षक हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राणा के खिलाफ कई मामले दर्ज थे, लेकिन हत्या के पीछे धार्मिक वजह भी हो सकती है।
इन हत्याओं के अलावा, एक और चौंकाने वाली घटना झेनैदाह जिले के कालीगंज इलाके में सामने आई है। यहां एक 40 वर्षीय हिंदू विधवा के साथ दो स्थानीय पुरुषों ने सामूहिक बलात्कार किया। आरोपी शाहीन (पीड़िता से संपत्ति बेचने वाले व्यक्ति का भाई) और उनका साथी हैं। पीड़िता ने दो साल पहले शाहीन और उसके भाई से 20 लाख टका में एक दो मंजिला घर और 300 डेसिमल जमीन खरीदी थी। इसके बाद शाहीन ने पीड़िता पर बुरी नजर डाली और बार-बार अशोभनीय प्रस्ताव दिए, जिन्हें ठुकराने पर उत्पीड़न शुरू हो गया।
शनिवार रात को आरोपी पीड़िता को प्रताड़ित किया, बलात्कार किया, उसे पेड़ से बांध दिया और उसके बाल काट दिए। घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। पीड़िता बेहोश हो गई और स्थानीय निवासियों ने उसे बचाया। उसे झेनैदाह सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकीय जांच में यातना और बलात्कार की पुष्टि हुई। कालीगंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। झेनैदाह के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलाल हुसैन ने कहा कि जांच के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ये घटनाएं बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा पर सवाल उठाती हैं। हाल के हफ्तों में कई अन्य मामले सामने आए हैं, जैसे मयमेंसिंह में एक हिंदू व्यक्ति की लिंचिंग, राजबारी में एक अन्य की हत्या और एक पैरामिलिट्री सदस्य की गोली मारकर हत्या। अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस की ओर से अभी तक इन घटनाओं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मानवाधिकार संगठन इन हमलों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
