करूर भगदड़ मामले में थलापति विजय CBI के सामने दूसरी बार पेश: दिल्ली में पूछताछ जारी, TVK प्रमुख ने पार्टी को जिम्मेदार नहीं ठहराया

नई दिल्ली, 19 जनवरी 2026  

 

तमिल सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के प्रमुख थलापति विजय आज करूर भगदड़ मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के दिल्ली मुख्यालय में दूसरी बार पेश हुए। CBI ने उन्हें पूछताछ के लिए दोबारा तलब किया था, जिसके बाद वे रविवार शाम चार्टर्ड विमान से दिल्ली पहुंचे। यह पूछताछ 27 सितंबर 2025 को तमिलनाडु के करूर जिले में TVK की रैली के दौरान हुई भगदड़ से जुड़ी है, जिसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से अधिक घायल हुए थे। इस मामले में 12 जनवरी 2026 को पहली पूछताक्ष हुई थी।

पूछताछ का विवरण

  • पहली पूछताछ: 12 जनवरी 2026 को CBI मुख्यालय में विजय से 6 से 7 घंटे तक पूछताछ हुई। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि TVK या कोई पदाधिकारी हादसे के लिए जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने दावा किया कि स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए वे रैली स्थल से जल्दी रवाना हो गए थे।
  • दूसरी पूछताछ: 19 जनवरी को दोबारा बुलाए गए। CBI ने पहले विजय को अगले दिन (13 जनवरी) बुलाया था, लेकिन उन्होंने पोंगल त्योहार का हवाला देकर तारीख मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। आज सुबह वे भारी सुरक्षा में CBI मुख्यालय पहुंचे। जांच एजेंसी का फोकस रैली में देरी, भीड़ नियंत्रण, पार्टी कार्यकर्ताओं-पुलिस समन्वय की कमी, प्रचार वाहन की मूवमेंट और सुरक्षा इंतजामों पर है।

CBI ने पहले TVK के कई पदाधिकारियों से पूछताछ की, जिनमें महासचिव बुस्सी आनंद, अधव अर्जुन, निर्मल कुमार और करूर जिला सचिव मथियाझगन शामिल हैं। विजय के बयानों का मिलान पुलिस अधिकारियों और अन्य गवाहों से किया जा रहा है। जांच के बाद चार्जशीट दाखिल करने का फैसला हो सकता है।

हादसे का पृष्ठभूमि

घटना करूर-ईरोड हाईवे के पास वेलुसामीपुरम में हुई थी। TVK की इस रैली में अनुमानित 50,000 से अधिक लोग जमा हुए थे, जबकि स्थल की क्षमता केवल 10,000 के आसपास थी। पुलिस के अनुसार, विजय की देरी (करीब 7 घंटे) से भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे भगदड़ मच गई। TVK ने राज्य सरकार और पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने आयोजकों की ओर से भीड़ प्रबंधन में कमी बताई। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर CBI ने तमिलनाडु पुलिस की SIT से जांच अपने हाथ में ली थी।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

TVK ने CBI जांच को निष्पक्ष बताया है, लेकिन राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। DMK नेताओं ने पूछताछ को राजनीतिक दबाव बताया है। विजय की पार्टी ने कहा कि जांच BJP के दबाव में नहीं है और उनका वैचारिक विरोध जारी रहेगा।यह मामला तमिलनाडु की राजनीति में गरमा रहा है, जहां विजय अपनी नई पार्टी TVK के जरिए सक्रिय हैं। उनकी आगामी फिल्म ‘जन नायकन’ की रिलीज भी कोर्ट में अटकी हुई है।

 

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