दावोस/रांची, 20 जनवरी 2026
विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना मुर्मू सोरेन तथा राज्य सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल को टेक महिंद्रा के हेड एंड प्रेसिडेंट IMEA डिवीजन शाहिल धवन ने कंपनी के टेक महिंद्रा लाउंज में विशेष आमंत्रित किया। इस उच्च स्तरीय बैठक में झारखंड के आईटी और डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा हुई।
बैठक के दौरान टेक महिंद्रा ने झारखंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर तथा इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज के क्षेत्र में निवेश का ठोस प्रस्ताव रखा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि झारखंड शीघ्र ही ऊर्जा-सरप्लस राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। एआई और डेटा सेंटर जैसी उन्नत तकनीकी संरचनाओं को बड़े पैमाने पर ऊर्जा की आवश्यकता होती है, इसलिए टेक महिंद्रा अंडरग्राउंड एनर्जी स्टोरेज सहित उन्नत ऊर्जा समाधानों के विकास में राज्य सरकार के साथ सहयोग करने को तैयार है।

टेक महिंद्रा ने राज्य में प्रस्तावित आईटी पार्क की रूपरेखा को और मजबूत बनाने के लिए रणनीतिक भागीदार के रूप में शामिल होने की इच्छा जताई। इसके अलावा, कंपनी ने झारखंड में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने की संभावना पर सकारात्मक रुख अपनाया। यह जीसीसी आईटी सेवाओं, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, माइनिंग रिसर्च, फाइनेंस, कस्टमर सर्विस तथा डिजिटल इनोवेशन जैसे वैश्विक कार्यों का संचालन स्थानीय प्रतिभाओं के माध्यम से करेगा, जिससे झारखंड वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर नई पहचान हासिल करेगा।
शिक्षा और मानव संसाधन विकास के क्षेत्र में टेक महिंद्रा ने अपने व्यापक अनुभव साझा करते हुए बताया कि कंपनी उच्च शिक्षा, स्कॉलरशिप और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े कई कार्यक्रम संचालित करती है। कंपनी ने झारखंड के युवाओं के लिए कौशल विकास एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के क्षेत्र में राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करने का प्रस्ताव दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक में राज्य में स्थापित आईटीआई संस्थानों को अधिक रोजगार और बाजारोन्मुख बनाने की दिशा में टेक महिंद्रा से सहयोग का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सशक्त साझेदारी से ही युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सकता है।”
यह बैठक झारखंड को आईटी, डिजिटल इनोवेशन, निवेश और रोजगार सृजन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। WEF 2026 में झारखंड की यह सक्रिय भागीदारी राज्य की “ग्रोथ इन हार्मनी विद नेचर” की दृष्टि को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत कर रही है।
