नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2025
देश में लोकतंत्र की मजबूती को सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने मंगलवार से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। यह अभियान 21 साल बाद हो रहा है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को साफ-सुथरा, अपडेटेड और पारदर्शी बनाना है। इस प्रक्रिया में करीब 51 करोड़ मतदाताओं को शामिल किया जाएगा, जिसमें नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे और मृत, स्थानांतरित या डुप्लिकेट नामों को हटाया जाएगा। हालांकि, अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले असम को इस चरण से बाहर रखा गया है, जिसकी वजह से राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है।
SIR क्या है और क्यों जरूरी?
SIR मतदाता सूची का एक गहन और सघन पुनरीक्षण अभियान है, जिसमें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर प्रत्येक मतदाता की जानकारी सत्यापित करते हैं। आयोग के अनुसार, यह प्रक्रिया स्वतंत्र भारत में नौवीं बार हो रही है। पिछली SIR 2002-2004 के बीच विभिन्न राज्यों में पूरी हुई थी, जबकि दिल्ली में यह 2008 में हुई थी। बिहार में हाल ही में संपन्न SIR के सफल परिणामों के बाद आयोग ने इसे पूरे देश में विस्तार दिया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “SIR का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र मतदाता वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में न रहे। यह लोकतंत्र की नींव को मजबूत करेगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है, लेकिन पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
कौन-कौन से राज्य शामिल? असम क्यों बाहर?
SIR का दूसरा चरण 28 अक्टूबर से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस चरण में शामिल 12 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश निम्नलिखित हैं:
राज्य/केंद्र शासित प्रदेश अनुमानित मतदाता संख्या (करोड़ में) विशेष टिप्पणी
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह 0.04 केंद्र शासित प्रदेश
छत्तीसगढ़ 2.8 2023 चुनाव के बाद अपडेट
गोवा 0.1 छोटा राज्य, आसान प्रक्रिया
गुजरात 5.0 2022 चुनाव के बाद पहली SIR
केरल 2.6 2026 चुनाव बाउंड
लक्षद्वीप 0.01 केंद्र शासित प्रदेश
मध्य प्रदेश 6.0 बड़े राज्य में चुनौतीपूर्ण
पुडुचेरी 0.1 2026 चुनाव बाउंड
राजस्थान 5.2 2023 चुनाव के बाद
तमिलनाडु 6.2 2026 चुनाव बाउंड
उत्तर प्रदेश 15.0 सबसे बड़ा राज्य, 5.33 लाख BLO तैनात
पश्चिम बंगाल 7.4 2026 चुनाव बाउंड, विवादास्पद
यह सूची उन राज्यों को प्राथमिकता देती है जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं, जैसे तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी। लेकिन असम, जहां 2026 में चुनाव होंगे, को इस चरण से बाहर रखा गया है। CEC ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया, “असम में नागरिकता अधिनियम की धारा 6A लागू है, जो बाकी देश से अलग है। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रही नागरिकता जांच (NRC) लगभग पूरी हो चुकी है। इसलिए, 24 जून का SIR आदेश असम पर लागू नहीं होता। यहां अलग आदेश जारी किया जाएगा और SIR की तारीख बाद में घोषित होगी।” असम के राज्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वे पूर्व तैयारी जैसे वोटर मैपिंग जारी रखेंगे, लेकिन EC की अधिसूचना का इंतजार करेंगे।
प्रक्रिया का समय-सारणी
28 अक्टूबर – 3 नवंबर 2025: BLO प्रशिक्षण और फॉर्म प्रिंटिंग।
4 नवंबर – 4 दिसंबर 2025: गणना और सत्यापन।
9 दिसंबर 2025: ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी।
31 जनवरी 2026 तक: आपत्तियां और सुनवाई।
7 फरवरी 2026: अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित।
इस प्रक्रिया में 5.33 लाख BLO और 7 लाख से अधिक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि (BLA) शामिल होंगे। आयोग ने सभी 36 राज्यों के अधिकारियों के साथ दो दौर की बैठकें की हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विवाद की आशंका
असम को बाहर रखने का फैसला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। कांग्रेस नेता और असम के विपक्षी नेता देबब्रत सैकिया ने इसे “संदिग्ध” बताते हुए सवाल उठाए, “अगले साल चुनाव हैं, फिर SIR क्यों नहीं?” वहीं, BJP प्रवक्ता रूपम गोस्वामी ने कहा, “हम EC के फैसले का स्वागत करते हैं, SIR कब भी हो।”
पश्चिम बंगाल में TMC और अन्य विपक्षी दलों ने SIR को “वोटर हटाने का हथकंडा” बताया है, जबकि आयोग ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकारें संवैधानिक जिम्मेदारी निभाएंगी। कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने EC से 14 सवाल पूछे हैं, जिसमें पारदर्शिता और समयसीमा पर जोर दिया गया है।
तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन ने आरोप लगाया कि BJP और AIADMK SIR के जरिए वोटरों के नाम हटाएंगे, लेकिन CEC ने इसे खारिज करते हुए कहा कि प्रक्रिया निष्पक्ष होगी।
मतदाताओं के लिए जरूरी दस्तावेज
SIR में भाग लेने के लिए निम्न दस्तावेज जरूरी:
नागरिकता प्रमाण: जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, या 1951-1971 के बीच जारी प्रमाण पत्र।
पहचान: आधार, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस।
निवास प्रमाण: राशन कार्ड, बिजली बिल।
नए वोटर (18+) ऑनलाइन फॉर्म 6 भर सकते हैं। आयोग की वेबसाइट (eci.gov.in) पर और जानकारी उपलब्ध है।यह SIR न केवल चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करेगा, बल्कि अवैध प्रवासियों की जांच में भी मददगार साबित होगा। असम के लिए अलग घोषणा का इंतजार है, जो चुनावी मौसम को और गर्म कर सकती है।
