नई दिल्ली/गुवाहाटी/तिरुवनंतपुरम/पुडुचेरी, 9 अप्रैल 2026
लोकतंत्र के महापर्व में आज असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए एक ही चरण में मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुए मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा। तीनों राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में कुल 296 विधानसभा सीटों पर लगभग 6.1 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतगणना 4 मई 2026 को होगी।
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। हजारों पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सुबह के शुरुआती घंटों में अच्छी मतदान प्रतिशत की रिपोर्ट आ रही है।
सीटें और मतदाता संख्या
- असम: 126 सीटें (बहुमत के लिए 64 जरूरी)। लगभग 2.5 करोड़ मतदाता। 31,000 से अधिक पोलिंग स्टेशन।
- केरल: 140 सीटें (बहुमत के लिए 71 जरूरी)। 2.7 करोड़ से अधिक मतदाता।
- पुडुचेरी: 30 सीटें (बहुमत के लिए 16 जरूरी)। लगभग 9.44 लाख मतदाता।
कुल 1,849 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं।
मुख्य मुकाबले और राजनीतिक समीकरण
असम: सत्तारूढ़ बीजेपी (एनडीए) के नेतृत्व में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्य मुकाबला कांग्रेस के साथ है। बीजेपी विकास कार्यों, रोजगार, बाढ़ प्रबंधन और सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जोर दे रही है। कांग्रेस महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, अल्पसंख्यक सुरक्षा और स्थानीय मुद्दों को उठा रही है। असम गण परिषद (एजीपी) और अन्य क्षेत्रीय दलों की भी भूमिका महत्वपूर्ण है।
केरल: एलडीएफ (सीपीआई(एम) के नेतृत्व में) मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन के नेतृत्व में ऐतिहासिक तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है। मुख्य विपक्ष यूडीएफ (कांग्रेस के नेतृत्व में) है, जबकि एनडीए (बीजेपी) भी त्रिकोणीय मुकाबले में चुनौती दे रहा है। केरल में एंटी-इनकंबेंसी, राज्य का बढ़ता कर्ज, शासन और विकास जैसे मुद्दे छाए रहे। यूडीएफ मजबूत वापसी की उम्मीद कर रहा है, जबकि एलडीएफ अपनी उपलब्धियों पर भरोसा जता रहा है।
पुडुचेरी: त्रिकोणीय मुकाबला। एनडीए (एआईएनआरसी-बीजेपी गठबंधन) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी एक बार फिर सत्ता की दावेदारी कर रहे हैं। कांग्रेस-डीएमके गठबंधन मजबूत चुनौती पेश कर रहा है। स्थानीय मुद्दों, विकास और गठबंधन की गतिशीलता यहां निर्णायक साबित हो सकती है।
चुनावी मुद्दे
तीनों जगहों पर विकास, रोजगार, बुनियादी ढांचा, महिलाओं एवं युवाओं की भागीदारी, पर्यावरण और स्थानीय पहचान से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। असम में बाढ़ और अवैध प्रवास, केरल में वित्तीय प्रबंधन तथा पुडुचेरी में स्थानीय शासन प्रमुख चर्चा में रहे। प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, पिनारयी विजयन और अन्य प्रमुख नेताओं ने रैलियां कीं।
चुनाव आयोग की तैयारियां
चुनाव आयोग ने ईवीएम और वीवीपीएटी की सुरक्षा, पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों (IEVP) की उपस्थिति सुनिश्चित की है। मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
मतदान प्रतिशत (आंकड़े अपडेट होते रहेंगे):
- असम: 75.91 %
- केरल: 62.71 %
- पुडुचेरी: 72.40 %
चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग करें। कोई भी अनियमितता की सूचना तुरंत दी जा सकती है। यह चुनाव न केवल तीनों राज्यों की स्थानीय सरकार तय करेंगे, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं।
