कैमूर, 22 अक्टूबर 2025
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन को एक और करारा झटका लगा है। कैमूर जिले की मोहनियां विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रत्याशी श्वेता सुमन का नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया है। नामांकन प्रपत्रों की संवीक्षा के दौरान नागरिकता और मूल निवास को लेकर उठे विवाद ने इस सीट पर सियासत को गरमा दिया है। यह घटना मंगलवार को हुई संवीक्षा के एक दिन बाद बुधवार को सामने आई, जब चुनाव आयोग ने अंतिम फैसला सुनाया। RJD ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि वे कानूनी रास्ता अपनाएंगे। इधर, BJP ने इसे अपनी जीत बताते हुए महागठबंधन पर तंज कसा है। बिहार चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही यह विवाद और तेज होने की संभावना है।
नामांकन रद्द का कारण: मूल निवास पर सवाल
मोहनियां विधानसभा सीट अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित है, जो सासाराम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। RJD ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में श्वेता सुमन को यहां से टिकट दिया था। हालांकि, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को ही चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। BJP का आरोप था कि श्वेता सुमन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की निवासी हैं और बिहार की किसी आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने के लिए राज्य का मूल निवासी होना अनिवार्य है।
चुनाव आयोग ने BJP की शिकायत पर गौर करते हुए श्वेता सुमन के दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच में पाया गया कि 2020 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने मोहनियां से नामांकन दाखिल किया था, जिसमें उनका स्थायी पता उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के सकलडीहा विधानसभा क्षेत्र का दर्ज था। इसके आधार पर आयोग ने उनके नामांकन को अमान्य घोषित कर दिया। BJP के प्रदेश प्रवक्ता विंध्याचल राय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “आरक्षित सीटों पर केवल राज्य के अनुसूचित जाति के उम्मीदवार ही चुनाव लड़ सकते हैं। हमने आयोग को लिखित शिकायत दी थी, और फैसला सही है।”
श्वेता सुमन का भावुक प्रतिक्रिया: BJP पर साजिश का आरोप
नामांकन रद्द होते ही श्वेता सुमन मीडिया के सामने फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने इस फैसले को राजनीतिक साजिश करार देते हुए BJP पर गंभीर आरोप लगाए। “BJP को मुझसे डर है, मेरी पार्टी से डर है और बिहार में RJD की सरकार आने से डर है। इसलिए उन्होंने दबाव डालकर मेरा नामांकन रद्द कराया। यह अन्याय है, लेकिन हम हार नहीं मानेंगे,” श्वेता ने कहा। उन्होंने चुनाव आयोग से भी गुहार लगाई है कि फैसले पर पुनर्विचार किया जाए। RJD नेताओं ने इसे महागठबंधन के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र बताया है।
महागठबंधन को दूसरा झटका
यह महागठबंधन का दूसरा बड़ा नुकसान है। इससे पहले पूर्वी चंपारण की सुगौली सीट से वीआईपी पार्टी के प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो चुका है। मोहनियां सीट पर अब RJD के पास नया उम्मीदवार उतारने का विकल्प सीमित है, क्योंकि नामांकन की अंतिम तिथि निकट है। BJP की ओर से यहां से संगीता देवी मैदान में हैं, जो 2020 में RJD टिकट पर जीतने के बाद NDA में शामिल हो गई थीं। वहीं, जन सुराज पार्टी की गीता पासी का नामांकन मंजूर हो चुका है।
मोहनियां विधानसभा सीट कैमूर जिले में स्थित है और यहां SC वोटरों की संख्या प्रमुख है। 2020 के चुनाव में संगीता देवी ने RJD के टिकट पर जीत हासिल की थी, लेकिन पाला बदलने के बाद BJP मजबूत दावेदार बन गई है। इस सीट पर कुल 2.5 लाख से अधिक मतदाता हैं, और परिणाम बिहार की सियासत पर असर डाल सकता है।
