भुवनेश्वर, 25 फरवरी 2026
ओडिशा विजिलेंस ने राज्य के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी नकद जब्ती की है। कटक सर्कल के डिप्टी डायरेक्टर ऑफ माइंस, श्री देबब्रत मोहंती (Debabrata Mohanty) को एक लाइसेंस प्राप्त कोयला विक्रेता से ₹30,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इसके बाद शुरू हुई छापेमारी में उनके भुवनेश्वर स्थित फ्लैट से ट्रॉली बैग और अलमारी में छिपाकर रखे गए ₹4 करोड़ से अधिक नकद बरामद किया गया।
मंगलवार रात (24 फरवरी 2026) को विजिलेंस ने ट्रैप लगाकर मोहंती को पकड़ा। आरोपी ने कोयला डिपो के सुचारू संचालन और कोयला परिवहन की अनुमति देने के बदले यह रिश्वत मांगी थी। पूरी रिश्वत राशि उनके पास से बरामद कर जब्त की गई और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
बुधवार सुबह से उनके तीन ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चला:
- भुवनेश्वर के पटिया, श्री विहार में नेचर्स क्रेस्ट अपार्टमेंट स्थित फ्लैट
- भद्रक जिले के मथासाही में पैतृक घर
- कटक में ऑफिस चैंबर
भुवनेश्वर फ्लैट से मुख्य रूप से ₹4 करोड़+ कैश (ट्रॉली बैग और अलमारी में छिपा) मिला, जिसकी गिनती जारी है। ऑफिस से अतिरिक्त ₹1.2 लाख नकद, लगभग 130 ग्राम सोना और अन्य संपत्ति के सबूत भी बरामद हुए।विजिलेंस के अनुसार, यह ओडिशा विजिलेंस की स्थापना के बाद किसी ट्रैप केस में सबसे बड़ी कैश रिकवरी है। जांच में इस संपत्ति के स्रोत और असंगत संपत्ति (Disproportionate Assets) के पहलू की गहन पड़ताल की जा रही है। यह मामला ओडिशा में खनन विभाग से जुड़े भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का संकेत दे रहा है। अधिक जानकारी के लिए विजिलेंस की आधिकारिक विज्ञप्ति का इंतजार किया जा रहा है।
