दिल्ली, 11 फरवरी 2026
देशभर के उच्च न्यायालयों में 1 जनवरी 2021 से 30 जनवरी 2026 तक कुल 593 जजों की नियुक्ति हुई है। इनमें से केवल 26 अनुसूचित जाति (SC) और 14 अनुसूचित जनजाति (ST) से संबंधित हैं। यह जानकारी राज्यसभा में डीएमके सांसद पी. विल्सन के लिखित प्रश्न के जवाब में केंद्रीय संसदीय कार्य एवं विधि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने दी।मुख्य तथ्य:
- कुल नियुक्त जज: 593 (विभिन्न उच्च न्यायालयों में)
- अनुसूचित जाति (SC) से: 26 (लगभग 4.38%)
- अनुसूचित जनजाति (ST) से: 14 (लगभग 2.36%)
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से: 80
- अल्पसंख्यक समुदाय से: 37
- महिलाओं की नियुक्ति: 96
- SC, ST, OBC और अल्पसंख्यक मिलाकर कुल 157 (लगभग 26.5%), जबकि शेष लगभग 73-80% सामान्य/उच्च जाति वर्ग से हैं।
यह आंकड़े सिफारिशकर्ताओं (कॉलेजियम) द्वारा प्रदान की गई जानकारी पर आधारित हैं। संसद में यह जानकारी उच्च न्यायपालिका में सामाजिक विविधता और प्रतिनिधित्व पर बहस को तेज कर रही है, क्योंकि उच्च जातियों का वर्चस्व स्पष्ट दिख रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति में कोई आरक्षण प्रावधान नहीं है, लेकिन सामाजिक विविधता बढ़ाने के लिए उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से अनुरोध किया जाता है।
