इस्लामाबाद, 22 फरवरी 2026
पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में, खासकर पक्तिका प्रांत के बरमल और उरघुन जिलों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के संदिग्ध ठिकानों पर लक्षित हवाई हमले किए। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय के अनुसार, ये “खुफिया जानकारी पर आधारित चयनित कार्रवाई” थीं, जिनमें टीटीपी और उसके सहयोगी संगठनों के सात कैंपों/ठिकानों को निशाना बनाया गया, साथ ही इस्लामिक स्टेट (ISKP) से जुड़े कुछ ठिकानों पर भी हमला किया गया।
आत्मघाती हमले का जवाब
पाकिस्तानी पक्ष का दावा है कि हाल के दिनों में इस्लामाबाद, बाजौर और बनू में हुए आत्मघाती हमलों के पीछे अफगानिस्तान में मौजूद टीटीपी के लीडर और हैंडलर जिम्मेदार थे, और इन हमलों में निर्णायक सबूत मिले हैं। पाकिस्तान ने स्पष्ट किया कि ये कार्रवाई हालिया हमलों के जवाब में की गई है, लेकिन ठीक-ठीक स्थानों या अन्य विस्तृत विवरण साझा नहीं किए।अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में एक धार्मिक मदरसे को भी निशाना बनाए जाने की खबरें हैं, जहां कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। मरघा इलाके में अंतराल पर धमाके रिपोर्ट हुए। पाकिस्तानी दावों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 28 टीटीपी लड़ाके मारे गए।
अफगानिस्तान ने की निंदा
वहीं, अफगान तालिबान सरकार और रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इन्हें संप्रभुता का उल्लंघन बताया और दावा किया कि हमले नागरिक इलाकों, आवासीय घरों और एक धार्मिक स्कूल पर हुए, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए—जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। नंगरहार प्रांत में भी कम से कम 17 मौतों की रिपोर्ट है। काबुल ने “उचित समय पर मापा और संतुलित जवाब” देने की चेतावनी दी है।
यह घटना पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तनाव को और बढ़ा सकती है, जहां टीटीपी जैसे समूहों को अफगानिस्तान से संचालित होने का आरोप लगता रहा है। दोनों पक्षों के दावों में काफी अंतर है, और फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
