जयपुर की सड़कों पर गूंजा ‘भारत माता की जय’: 78वें आर्मी डे पर ब्रह्मोस, भीष्म टैंक, अपाचे हेलिकॉप्टर और रोबोटिक डॉग्स का शानदार प्रदर्शन

जयपुर, 15 जनवरी 2026

 

आज पूरे देश में 78वें आर्मी डे के अवसर पर भारतीय सेना की वीरता, अनुशासन और आधुनिक युद्ध क्षमता का भव्य प्रदर्शन हुआ। इस बार मुख्य परेड पिंक सिटी जयपुर में महल रोड, जगतपुरा पर आयोजित की गई, जो एक ऐतिहासिक पहल है क्योंकि पहली बार यह परेड किसी कैंटोनमेंट क्षेत्र के बाहर सार्वजनिक सड़कों पर हुई। हजारों नागरिकों ने सड़कों पर खड़े होकर भारतीय सेना की ताकत को नजदीक से देखा और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।

परेड की प्रमुख विशेषताएं

  • आत्मनिर्भर भारत की झलक: परेड में स्वदेशी हथियार सिस्टम जैसे ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, भीष्म और अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक, पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, धनुष तोप, अकाश और MR-SAM एयर डिफेंस सिस्टम, अकाशतीर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम का प्रदर्शन हुआ।
  • ड्रोन शक्ति और आधुनिक तकनीक: स्वार्म ड्रोन, मिनी हरपी, डिव्यास्त्र बैटरी, रोबोटिक म्यूल्स (रोबोटिक डॉग्स), ऑल-टेरेन व्हीकल्स और अन्य उन्नत सिस्टम ने ‘Year of Networking and Data Centricity’ थीम को रेखांकित किया।
  • नई इकाई का डेब्यू: नवगठित भैरव बटालियन ने पहली बार सार्वजनिक प्रदर्शन किया, जिसने सभी को प्रभावित किया।

आसमान में दहाड़

  • अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, एलसीएच प्रचंड, रुद्र, ध्रुव और अन्य हेलिकॉप्टरों ने टैक्टिकल मैन्यूवर और स्टंट दिखाए, जिसमें दुश्मन को होश उड़ा देने वाले करतब शामिल थे।
  • नाल (बीकानेर) एयरबेस से उड़ान भरकर आए जगुआर फाइटर जेट ने भव्य फ्लाईपास्ट किया।
  • तीन चेतक हेलिकॉप्टरों ने परेड रूट पर फूलों की वर्षा की, जो भावुक पल साबित हुआ।

गैलेंट्री अवॉर्ड्स और भावुक क्षणपरेड से पहले आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने गैलेंट्री अवॉर्ड्स प्रदान किए, जिसमें शहीद सैनिकों के परिजनों और वीर नारियों को सम्मानित किया गया। सेना मेडल (मरणोपरांत) प्राप्तकर्ताओं में सूबेदार मेजर पवन कुमार, हवलदार सुनील कुमार आदि शामिल थे।

अन्य आयोजन

  • शाम को एसएमएस स्टेडियम में शौर्य संध्या का आयोजन होगा, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे।
  • राजस्थानी कल्चरल परफॉर्मेंस जैसे कालबेलिया और गैर नृत्य ने कार्यक्रम में रंग भरा।

यह परेड ऑपरेशन सिंदूर जैसी हालिया सफलताओं के बाद भारतीय सेना की तैयारियों और आधुनिक युद्ध क्षमता का मजबूत संदेश देती है। जयपुरवासियों ने इस ऐतिहासिक आयोजन को देखने के लिए भारी संख्या में पहुंचे, जिससे सड़कें खचाखच भरी रहीं।

 

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