काठमांडू, 28 मार्च 2026
नेपाल पुलिस ने शनिवार सुबह पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और उनके पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को पिछले साल सितंबर 2025 में हुए GEN-Z प्रोटेस्ट (युवा-आंदोलन) के दौरान हुई मौतों और हिंसा से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई नए प्रधानमंत्री बालेन शाह (बालेन्द्र शाह) के शपथ ग्रहण के महज 24 घंटे बाद हुई है।
पुलिस के अनुसार, ओली को शनिवार सुबह भक्तपुर के गुंडु स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। वहीं, रमेश लेखक को सुबह करीब 5 बजे भक्तपुर के सूर्यविनायक क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। दोनों को भक्तपुर से काठमांडू के जिला प्रहरी कार्यालय ले जाया गया है।
गिरफ्तारी का कारण
यह कार्रवाई गृह मंत्रालय की शिकायत पर गठित जांच आयोग की सिफारिशों के आधार पर की गई है। आयोग (जिसकी अध्यक्षता गौरी बहादुर कार्की ने की थी) ने ओली, लेखक और तत्कालीन पुलिस प्रमुख पर आपराधिक लापरवाही (criminal negligence) का मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस फायरिंग में कम से कम 19 युवा (कुछ रिपोर्ट्स में 76 तक) की मौत हुई थी। जांच रिपोर्ट में इन नेताओं पर गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही के प्रावधानों (क्रिमिनल कोड की धारा 181 और 182) के तहत केस चलाने की बात कही गई है, जिसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
पृष्ठभूमि
सितंबर 2025 में भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं (Gen-Z) के बड़े आंदोलन में हिंसा भड़क गई थी, जिसके बाद ओली सरकार गिर गई थी।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में ओली और लेखक की गिरफ्तारी शामिल थी।
शुक्रवार (27 मार्च 2026) को रैपर-से-राजनेता बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। उनकी पार्टी ने हाल के चुनावों में भारी जीत दर्ज की थी।
ओली पक्ष ने इसे राजनीतिक बदला बताया है, जबकि कुछ UML कार्यकर्ता दावा कर रहे हैं कि ओली स्वेच्छा से जांच में सहयोग करने गए थे। नई सरकार अब इस मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम उठा रही है। यह घटनाक्रम नेपाल की राजनीति में नया भूचाल माना जा रहा है, क्योंकि नए PM के पहले दिन ही पूर्व शासन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है।
