‘मदर ऑफ ऑल डील्स’: भारत-EU FTA पर मुहर, मैन्युफैक्चरिंग और सेवाओं को मिलेगी नई उड़ान – PM मोदी

गोवा, 27 जनवरी 2026

 

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने 27 जनवरी 2026 को एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप दिया है, जिसे दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक सौदा करार दिया जा रहा है। इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में इंडिया एनर्जी वीक 2026 के उद्घाटन के दौरान वर्चुअल संबोधन में इसकी घोषणा की और इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा FTA बताया। इन दोनों के बीच आज फाइनली फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हो गया। इसे लेकर बीते 18 साल से बातचीत चल रही थी।

ऐतिहासिक भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: आम आदमी से लेकर कारोबारियों तक फायदे की बरसात

यह FTA भारत और 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा। दोनों पक्ष मिलकर वैश्विक GDP का लगभग 25% और वैश्विक व्यापार का एक-तिहाई हिस्सा प्रतिनिधित्व करते हैं। बातचीत 2007 से चली आ रही थी, जो 2022 में फिर शुरू हुई और अब सफलतापूर्वक समाप्त हो गई है। समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर कुछ महीनों बाद (कानूनी जांच के बाद) होंगे, और यह अगले साल प्रभावी हो सकता है।EU कमिश्नर उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” करार दिया और कहा कि यह भारत और यूरोप के लोगों के लिए बड़े अवसर लाएगा।आम आदमी और कारोबारियों को प्रमुख फायदेप्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यह समझौता भारत के मैन्युफैक्चरिंग और सेवा क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। यहां मुख्य लाभ दिए जा रहे हैं:

  1. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में क्रांति
    • व्यापार बाधाएं (टैरिफ) कम होने से भारतीय उत्पादों (टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, लेदर, फुटवियर, फार्मास्यूटिकल्स, केमिकल्स, इलेक्ट्रिकल मशीनरी आदि) की यूरोपीय बाजारों में पहुंच आसान होगी।
    • ‘मेक इन इंडिया’ को नई गति मिलेगी, निर्यात बढ़ेगा और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
    • छोटे-मध्यम उद्योग (MSMEs) और श्रम-गहन क्षेत्रों को बड़ा फायदा, जिससे रोजगार सृजन होगा।
  2. सेवा क्षेत्र (Services Sector) में विस्तार
    • आईटी, सॉफ्टवेयर, प्रोफेशनल सर्विसेज, हेल्थकेयर और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भारतीय पेशेवरों और युवाओं के लिए नए अवसर।
    • यूरोप में भारतीय सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, जिससे निर्यात बढ़ेगा और उच्च-कुशल नौकरियां पैदा होंगी।
  3. आम आदमी के लिए फायदे
    • यूरोपीय उत्पाद (कारें, वाइन, बीयर, केमिकल्स, मशीनरी, फूड प्रोडक्ट्स आदि) सस्ते होंगे, क्योंकि टैरिफ में बड़ी कटौती (90-97% से अधिक सामानों पर) होगी।
    • बेहतर गुणवत्ता वाले आयातित सामान कम कीमत पर उपलब्ध होंगे, जिससे जीवन स्तर में सुधार।
    • बढ़ते निर्यात और निवेश से अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, जिससे महंगाई नियंत्रण और आय में वृद्धि संभव।
  4. कारोबारियों और निवेशकों के लिए
    • भारत में निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा, क्योंकि यह वैश्विक व्यापारिक समुदाय के लिए मजबूत संकेत है।
    • आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी, नए पार्टनरशिप और इनोवेशन के अवसर।
    • अमेरिका जैसे देशों से टैरिफ युद्ध के बीच यह डील भारत को वैकल्पिक बाजार प्रदान करेगी।

यह समझौता न केवल व्यापार बढ़ाएगा, बल्कि भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में मजबूत करेगा। PM मोदी ने कहा कि यह 140 करोड़ भारतीयों और यूरोप के करोड़ों लोगों के लिए अवसरों का सौदा है।

 

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