दुमका(स.प.), 1 फरवरी 2026
राजकीय जनजातीय हिजला मेला महोत्सव 2026 की तैयारी को लेकर हिजला गांव में मंझी बाबा इमानुवेल हांसदा की अध्यक्षता में कुल्ही दुरुप (बैठक) का आयोजन किया गया। बैठक में ग्रामीणों ने मेला आयोजन से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर चर्चा की तथा पूर्व में उपायुक्त सह अध्यक्ष एवं अनुमंडल पदाधिकारी सह सचिव, हिजला मेला समिति को सौंपे गए लिखित आवेदन पर विचार किया गया।
ग्रामीणों द्वारा निम्नलिखित मांगें रखी गई थीं:-
1. मेला से संबंधित सभी बैनर, पोस्टर, स्मारिका, आमंत्रण पत्र आदि में संताली भाषा की ओल-चिकी लिपि में भी लिखवाए एवं छपवाए जाए।
2. मेला में लगने वाली कृषि प्रदर्शनी, पारंपरिक प्रदर्शनी तथा आदिवासी संग्रहालय (म्यूजियम) में प्रदर्शित वस्तुओं पर लिखे जाने वाले नाम/सूचना अनिवार्य रूप से संताली ओल-चिकी लिपि में भी अंकित किए जाए।
3. मेला परिसर में स्थित सभी कला मंच का नाम स्थायी रूप से संताली ओल चिकी लिपि से भी अंकित किया जाए।
4. मेला परिसर एवं पवित्र स्थल दिसोम मारांङ बुरू थान में किसी अन्य धर्म से संबंधित फोटो, बैनर, प्रचार सामग्री या दुकान लगाने की अनुमति ना दी जाए क्योंकि इससे सामाजिक समरसता प्रभावित होने की संभावना रहती है। यह मेला संताल समाज की धार्मिक परंपरा, सांस्कृतिक एवं रिती रिवाजों पर आधारित है।
5. माननीय दुमका विधायक बसंत सोरेन के पहल पर मेला परिसर में नवनिर्मित दिसोम मरांग बुरु थान का फोटो को सभी होडिंग,बैनर में दर्शाया जाय।
6. हिजला मेला समिति में हिजला गांव के जयदेव हांसदा,दिलीप सोरेन,रुबिलाल हांसदा,एमेल मरांडी,बुद्दीलाल मरांडी,लाल हांसदा,देवी सोरेन को शामिल किया जाय।
7. ग्राम हिजला के मांझी थान एवं जाहेर थान को भव्य रूप से सजाया जाय तथा जाहेर थान को स्थायी रूप से घेराबंदी किया जाए एवं मेला के दौरान इन दोनों जगहों में प्रयाप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
8. हिजला में मोजूद तीन सोलर चालित जल मीनार को त्वरित चालू किया जाए,जो कई महीनों से ख़राब पड़ा हुआ है।
9. हिजला गांव के अंदर खराब पड़े दो चपाकल को त्वरित चालू किया जाए। जो कई महीनों से ख़राब पड़ा हुआ है।
10. ग्राम हिजला में मेला के दौरान दो वक्त नल पानी का सप्लाई किया जाए।
11. स्थायी रूप से निर्माणाधीन मुख्य प्रवेश एवं निकास तौरण द्वारा में अंकित नाम/सूचना को संताली के ओल चिकी लिपि से भी अंकित किया जाए।
12. ग्राम हिजला में हर बिजली खम्भा पर भेपर लाइट लगाया जाए।
13. हिजला मेला परिसर में स्थित संताल आदिवासियों का पूज्य स्थल दिसोम मरांग बुरु थान के पास स्थित पानी टंकी में लोहे का नल लगाकर जल्द चालू किया जाय,ताकि वह जल्द खराब नही हो और 12 महीने चालू रहे।
14. पिछले वर्ष 2025 में हिजला मेला परिसर में स्थित मंझी आवास(पुआल का घर) और हिजला गांव के स्वंय सेवक के बकाया राशि दिया जाय।
मंझी बाबा ने ग्रामीणों को बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी सह सचिव, हिजला मेला समिति द्वारा इन मांगों पर सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया गया है।
आज के बैठक में ग्रामीण यह भी मांग कर रहे है कि मेला के दोरान मेला परिसर में विशेष साफ सफाई का ध्यान दिया जाय और मेला बाद तुरंत मेला परिसर का सफाई किया जाय, क्योकि पोलीथिन आदि खाकर मवेशी बिमार और मर भी जाते है और खेत में फैलने के कारण खेत ख़राब भी हो जाता है। इस कुल्ही दुरुप(बैठक) में दिलीप सोरेन, एमेल मरांडी, जयगणेश हांसदा, रूबिलाल हांसदा, बुद्धिलाल मरांडी, लाल हांसदा, विनय हांसदा, सोम हांसदा, प्रदीप हांसदा, विनोद हांसदा, नरेश सोरेन, सनत हांसदा, मनोज हेम्बरम आदि के साथ काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
