तेहरान में ईरान विरोधी प्रदर्शनों में भारी हिंसा, 217 से अधिक प्रदर्शनकारियों की मौत का दावा

तेहरान, 10 जनवरी 2026

 

ईरान की राजधानी तेहरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिंसा का स्तर तेजी से बढ़ गया है। प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों द्वारा की गई गोलीबारी में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की खबरें सामने आ रही हैं। एक स्थानीय डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर अमेरिकी पत्रिका टाइम को बताया कि तेहरान के केवल छह अस्पतालों में ही कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है। इनमें से अधिकांश मौतें लाइव एम्यूनिशन (जिंदा गोलियों) से हुई हैं।

यह आंकड़ा अब तक की रिपोर्टेड मौतों से कहीं अधिक है, क्योंकि अधिकारिक तौर पर ईरानी सरकार ने इतनी बड़ी संख्या में हताहतों की पुष्टि नहीं की है। डॉक्टर के अनुसार, अधिकतर मृतक युवा थे और कई लोगों की मौत पुलिस स्टेशन के बाहर मशीन गन फायरिंग से हुई, जहां प्रदर्शनकारी मौके पर ही मारे गए।

प्रदर्शनों का पृष्ठभूमि

दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए ये प्रदर्शन शुरुआत में आर्थिक संकट, महंगाई, रियाल की गिरती कीमत और जीवनयापन की बढ़ती मुश्किलों के खिलाफ थे। लेकिन जल्द ही ये विरोध सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और इस्लामिक रिपब्लिक के शासन के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन में बदल गए। प्रदर्शनकारी “डेथ टू खामेनेई” और “डेथ टू इस्लामिक रिपब्लिक” जैसे नारे लगा रहे हैं।

प्रदर्शनों के उग्र होने के बाद सुप्रीम लीडर खामेनेई ने शुक्रवार को दिए भाषण में प्रदर्शनकारियों को “वैंडल्स” (उपद्रवी) और “सबोटर्स” करार दिया। उन्होंने कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक “उपद्रवियों” के सामने नहीं झुकेगा और ये लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को “खुश” करने की कोशिश कर रहे हैं। खामेनेई के इस बयान को कई विश्लेषकों ने सुरक्षा बलों को और सख्ती बरतने का संकेत माना है।

सुरक्षा बलों की कार्रवाई और इंटरनेट ब्लैकआउट

सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए आंसू गैस, लाठीचार्ज और लाइव फायरिंग का सहारा लिया है। इंटरनेट सेवाओं को देशव्यापी रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे जानकारी का प्रवाह सीमित हो गया है। मानवाधिकार संगठनों ने इसे “क्राइम्स अगेंस्ट ह्यूमैनिटी” करार दिया है।

अब तक विभिन्न मानवाधिकार समूहों (जैसे HRANA और Amnesty International) द्वारा दर्ज मौतों की संख्या 30 से 60 के बीच बताई जा रही है, लेकिन टाइम पत्रिका को मिली जानकारी से पता चलता है कि वास्तविक आंकड़े इससे कहीं ज्यादा हो सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी है कि अगर ईरानी सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाती है, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है। उन्होंने कहा, “अगर वे शूटिंग शुरू करते हैं, तो हम भी शूटिंग शुरू करेंगे।”ये प्रदर्शन 2025-2026 के ईरानी विरोध प्रदर्शनों का सबसे खूनी चरण माने जा रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था से शुरू होकर अब पूरे शासन के खिलाफ हो चुके हैं। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे हिंसा बढ़ने की आशंका है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *