दिल्ली के जंतर-मंतर पर यूजीसी नियमों के समर्थन में महाआंदोलन: सांसद चंद्रशेखर आजाद शामिल, हजारों समर्थक जुटे

दिल्ली, 11 फरवरी 2026

 

दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर आज बुधवार को यूजीसी (University Grants Commission) के नए/पुराने नियमों को लागू करने के समर्थन में एक बड़ा धरना और प्रदर्शन आयोजित किया गया। भीम आर्मी के संस्थापक एवं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद खुद इस आंदोलन में शामिल हुए, जहां बड़ी संख्या में उनके समर्थक और कार्यकर्ता पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए—”यूजीसी लागू करो”, “यूजीसी बहाल करो”, “यूजीसी लागू करो वरना कुर्सी खाली करो”—जिससे पूरा जंतर-मंतर गुंज उठा। कई वीडियो और लाइव रिपोर्ट्स में देखा गया कि नीले रंग की टी-शर्ट पहने भीम आर्मी के समर्थकों ने जगह को “नीला” कर दिया। चंद्रशेखर आजाद ने मंच से संबोधन करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा और मांग की कि यूजीसी के उन प्रावधानों को तुरंत लागू किया जाए, जो एससी, एसटी, ओबीसी समुदायों के अधिकारों और आरक्षण को मजबूत करते हैं।

यह आंदोलन ऐसे समय में हो रहा है जब सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी 2026 के कुछ नए ड्राफ्ट गाइडलाइंस पर स्टे लगा रखा है, जिसे कुछ लोग मेरिट पर हमला और कुछ सामाजिक न्याय पर खतरा बता रहे हैं। चंद्रशेखर आजाद ने इसे सामाजिक न्याय की लड़ाई करार दिया और कहा कि सरकार को इन नियमों को बहाल करना होगा, वरना संघर्ष और तेज होगा।

प्रदर्शन से पहले दिल्ली के बॉर्डरों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और जंतर-मंतर को लगभग किले में तब्दील कर दिया गया था। लखनऊ में भी इसी मुद्दे पर पिछले दिनों प्रदर्शन के दौरान सपा विधायक पल्लवी पटेल को हिरासत में लिया गया था, जिसकी चंद्रशेखर ने आलोचना की।

भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के समर्थकों का दावा है कि लाखों लोग इस आंदोलन से जुड़े, हालांकि आधिकारिक संख्या की पुष्टि नहीं हुई। यह प्रदर्शन बजट सत्र के बीच हो रहा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *