मणिपुर, 06 फरवरी 2026
मणिपुर में नयी सरकार के शपथ ग्रहण के 48 घंटे के भीतर हिंसा फिर से सुलग उठी है। कूकी-ज़ो समुदाय के बीच नई सरकार गठन को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री युम्नाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई एनडीए सरकार बनी, जिसमें कुकी विधायक नेमचा किपगेन और नगा विधायक लोसी दिखो (Losii Dikho) को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। नेमचा किपगेन ने दिल्ली के मणिपुर भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शपथ ली, जबकि लोसी दिखो ने इंफाल में शपथ ग्रहण किया।
यह नियुक्ति कुकी-ज़ो समुदाय के बड़े हिस्से में भारी रोष पैदा कर रही है। समुदाय के कई संगठन (जैसे कूकी-ज़ो काउंसिल और जॉइंट फोरम ऑफ सेवन – JF7) ने नेमचा किपगेन को “समुदाय के साथ विश्वासघात” करने वाला करार दिया है। उनका आरोप है कि राज्य में अलग प्रशासन की मांग पूरी हुए बिना या समुदाय की सहमति के बिना सरकार में शामिल होना गलत है। कई जगहों पर “ट्रेटर नेमचा किपगेन” जैसे नारे लगाए जा रहे हैं और कुछ संगठनों ने यहां तक कि इनाम की घोषणा की खबरें भी आई हैं।
शुक्रवार को बंद का आह्वान
हिंसा की मुख्य घटनाएं (5-6 फरवरी 2026)
- चुराचांदपुर जिले (कुकी-बहुल क्षेत्र) में गुरुवार शाम करीब 6 बजे तनाव भड़का। तुइबोंग मुख्य बाजार क्षेत्र में सैकड़ों युवा प्रदर्शनकारी एकत्र हुए।
- प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए, सड़कें जाम कीं और सुरक्षा बलों पर पथराव किया। कुछ रिपोर्टों में स्लिंगशॉट का भी इस्तेमाल बताया गया।
- सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और अन्य बल प्रयोग किया।
- झड़प में करीब एक दर्जन प्रदर्शनकारी घायल हुए (कुछ रिपोर्टों में 2-10 के बीच मामूली चोटें)।
- स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
अन्य प्रभावित क्षेत्र
- कांगपोकपी जिले में भी बुधवार रात से विरोध शुरू हुआ, जहां लेइमाखोंग के पास टायर जलाकर सड़क ब्लॉक की गई।
- कुकी-ज़ो बहुल इलाकों में शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को पूर्ण बंद (total shutdown) का आह्वान किया गया है, जो सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक रहेगा।
पृष्ठभूमि
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है, जिसमें 260+ लोग मारे गए, हजारों बेघर हुए। फरवरी 2025 में राष्ट्रपति शासन लगा था। नई सरकार को जातीय संतुलन बनाने की कोशिश मानी जा रही है, लेकिन कुकी पक्ष में इसे “मेइती-प्रधान सरकार” में शामिल होने के रूप में देखा जा रहा है।
