तेहरान (ईरान), 14 जनवरी 2026
ईरान में हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। देशव्यापी सरकार विरोधी प्रदर्शन, आर्थिक संकट की गहराती मार और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की बार-बार चेतावनियों के बीच ईरानी सेना ने अपने तटवर्ती और सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर लाइव फायरिंग सैन्य अभ्यास शुरू कर दिए हैं।
ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और नियमित सेना फारस की खाड़ी के तटीय इलाकों के साथ-साथ इराक और अजरबैजान से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में ये अभ्यास कर रही है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन अभ्यासों में मुख्य रूप से एंटी-एयरक्राफ्ट गन और अन्य एयर डिफेंस सिस्टम शामिल हैं, जिनका उद्देश्य दुश्मन विमानों, ड्रोन और हवाई हमलों को निशाना बनाना है। ये अभ्यास ऐसे समय में हो रहे हैं जब ईरान में विरोध प्रदर्शन चरम पर हैं और सुरक्षा बलों द्वारा दमनकारी कार्रवाई में सैकड़ों मौतें हो चुकी हैं।
ईरानी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये अभ्यास रात के समय भी किए जा रहे हैं, जिसमें तेहरान, शिराज और अन्य प्रमुख शहरों के ऊपर एंटी-एयरक्राफ्ट फायरिंग देखी गई है। वीडियो और सोशल मीडिया फुटेज में आकाश में बार-बार चमकते फ्लैश और विस्फोट दिखाई दे रहे हैं, जो शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम की गतिविधि दर्शाते हैं। ईरान ने इन अभ्यासों को “विदेशी खतरों से मुकाबला” और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करने के रूप में पेश किया है।
देश में विरोध प्रदर्शन दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए थे, जो मुद्रा के भारी अवमूल्यन, महंगाई और आर्थिक संकट से उपजे थे, लेकिन जल्द ही ये राजनीतिक हो गए और शासन के खिलाफ व्यापक असंतोष में बदल गए। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, प्रदर्शनों में अब तक सैकड़ों (कुछ रिपोर्ट्स में 2,000 से अधिक) मौतें हो चुकी हैं, हजारों गिरफ्तारियां हुई हैं और इंटरनेट-कम्युनिकेशन ब्लैकआउट लगा हुआ है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने प्रदर्शनकारियों को “दंगाइयों” और “आतंकवादी तत्वों” से बचने की अपील की है, साथ ही अमेरिका और इजराइल पर अशांति भड़काने का आरोप लगाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार ईरान को चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रही तो अमेरिका “बहुत मजबूत कार्रवाई” करेगा। ट्रंप ने कहा है कि “मदद रास्ते में है” और ईरान में अमेरिकी नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। साथ ही, उन्होंने ईरान से व्यापार करने वाले किसी भी देश पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है। ईरान ने जवाब में अमेरिकी बेस और हितों पर हमले की धमकी दी है, खासकर क्षेत्रीय देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर।
रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि ये अभ्यास न केवल आंतरिक दर्शकों को मजबूत दिखाने के लिए हैं, बल्कि अमेरिका, इजराइल और अन्य क्षेत्रीय शक्तियों को साफ संदेश देने का माध्यम भी हैं। फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में ये गतिविधियां वैश्विक तेल व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और मध्य पूर्व में बड़े संघर्ष की आशंका को बढ़ा रही हैं।
स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है, क्योंकि ईरान में जारी अशांति, आर्थिक संकट और बाहरी दबाव मिलकर एक बड़े संकट की ओर इशारा कर रहे हैं।
