चबुआ (असम), 01 अप्रैल 2026
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की वरिष्ठ नेता और गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने असम विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार अभियान के दौरान चबुआ विधानसभा क्षेत्र पहुंचकर पार्टी के प्रत्याशी श्री भूबेन मुरारी (भुवेन मुरारी) के पक्ष में वोट की अपील की। इस दौरान उन्होंने चाय बागान में कार्यरत मजदूरों से सीधा संवाद किया और उनकी दैनिक चुनौतियों को करीब से समझा।

कार्यक्रम में झारखंड से सांसद श्रीमती जोबा माझी भी कल्पना सोरेन के साथ मौजूद रहीं। दोनों नेताओं ने चबुआ के चाय बागान क्षेत्र में पहुंचकर मजदूरों से उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मजदूरों ने अपनी समस्याएं साझा कीं, जिनमें लंबे कार्य घंटे, कम मजदूरी, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और आवास संबंधी मुद्दे प्रमुख थे।
कल्पना सोरेन ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि JMM चाय बागान के मजदूरों (टी ट्राइब्स) के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि झारखंड में आदिवासी और मजदूर वर्ग के उत्थान के लिए की गई पहल अब असम के चाय बागानों तक पहुंचाई जाएगी। कल्पना सोरेन ने मजदूरों से अपील की कि वे JMM के प्रत्याशी भूबेन मुरारी को भारी मतों से जिताकर चाय मजदूरों की आवाज को विधानसभा तक पहुंचाएं।

JMM की असम में रणनीति
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने असम विधानसभा चुनाव के लिए 21 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं (कुछ नामांकन रद्द होने के बाद 18 सीटों पर मुकाबला)। चबुआ से भूबेन मुरारी पार्टी के उम्मीदवार हैं। पार्टी चाय बागान क्षेत्रों और आदिवासी बहुल इलाकों में मजबूत पकड़ बनाने पर फोकस कर रही है, जहां बड़ी संख्या में झारखंड और अन्य राज्यों से आए टी ट्राइब मजदूर काम करते हैं।
JMM के स्टार प्रचारकों में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन शामिल हैं। दोनों नेता हाल के दिनों में असम के विभिन्न हिस्सों में रैलियां और कार्यक्रम कर चुके हैं। पार्टी चाय मजदूरों की मजदूरी वृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा और आवास की मांगों को प्रमुख मुद्दा बना रही है।
यह दौरा JMM की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसमें पूर्वोत्तर में अपनी उपस्थिति बढ़ाने और आदिवासी-मजदूर वोट बैंक को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। कल्पना सोरेन की मौजूदगी को पार्टी के लिए खास महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि वे झारखंड में महिला और आदिवासी नेतृत्व की प्रतीक मानी जाती हैं।
मजदूरों ने कल्पना सोरेन और जोबा माझी का स्वागत किया और आशा जताई कि JMM उनके लंबे समय से लंबित मुद्दों को उठाएगी।
JMM असम में चाय बागान मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ रही है – कल्पना सोरेन
यह कार्यक्रम असम चुनावी मैदान में JMM की सक्रियता को दर्शाता है। पार्टी का मानना है कि चाय बागानों में काम करने वाले लगभग 60 लाख मजदूरों की समस्याओं को हल करने से न केवल चबुआ बल्कि अन्य चाय बागान क्षेत्रों में भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
