चाईबासा, 24 जनवरी 2026
झारखंड पुलिस ने नक्सली नेता मिसिर बेसरा की तलाश तेज कर दी है। पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा के घने जंगलों में पिछले 75 घंटों से सर्च ऑपरेशन जारी है, जहां मिसिर बेसरा के छिपे होने की सूचना मिली है।
गुरुवार, 22 जनवरी को हुए बड़े एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने 17 नक्सलियों को मार गिराया था। यह झारखंड में हाल के वर्षों का सबसे बड़ा एंटी-नक्सल ऑपरेशन माना जा रहा है, जिसे ऑपरेशन मेगाबुरु के नाम से जाना जा रहा है।
एनकाउंटर की मुख्य जानकारी:
- स्थान: सारंडा जंगल, छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुमडीह गांव के आसपास।
- तारीख: 22 जनवरी (गुरुवार) से शुरू हुआ ऑपरेशन, जो अब तक जारी है।
- मारे गए नक्सली: कुल 17 (कुछ रिपोर्टों में बाद में 2 और ढेर होने की खबर, कुल संख्या 17 तक पहुंची)।
- ऑपरेशन में शामिल बल: झारखंड पुलिस (जगुआर कमांडो), CRPF की कोबरा बटालियन और अन्य सुरक्षा बल।
- मारे गए प्रमुख नक्सली: अनल उर्फ पतिराम मांझी (1 करोड़ का इनामी, टॉप कमांडर), अन्य इनामी कैडर जैसे अमित मुंडा, पिंटू लोहरा आदि। कई महिलाएं भी शामिल थीं।
- सुरक्षा बलों का नुकसान: कुछ जवान घायल हुए, लेकिन कोई बड़ी क्षति की पुष्टि नहीं।
मिसिर बेसरा पर फोकस:

मिसिर बेसरा भाकपा (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य हैं और झारखंड में सबसे बड़े बचे हुए टॉप लीडर माने जाते हैं। उन पर 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एनकाउंटर वाले इलाके में 20 किमी के दायरे में उनकी मौजूदगी की पुख्ता जानकारी मिली है। कमांडो फोर्स लगातार सर्च कर रही है, और मिसिर बेसरा को घेरने की कोशिश जारी है।यह ऑपरेशन झारखंड को नक्सली-मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों का दावा है कि मार्च 2026 तक राज्य से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। अभी सारंडा क्षेत्र में करीब 50 सक्रिय नक्सली बचे हैं, जिनमें मिसिर बेसरा, असीम मंडल जैसे नाम प्रमुख हैं।
