रांची, 27 फरवरी 2026
लंबे इंतजार के बाद झारखंड में नगर निकाय चुनावों की तारीखें आखिरकार घोषित हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान किया। राज्य के कुल 48 नगर निकायों में 23 फरवरी 2026 (सोमवार) को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा, जबकि 27 फरवरी 2026 को मतगणना की जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही सभी 48 नगर निकाय क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तुरंत लागू हो गई है। यह चुनाव बैलेट पेपर और बैलेट बॉक्स के माध्यम से कराया जाएगा – ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होगा। आयोग ने जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को पर्याप्त बैलेट बॉक्स उपलब्ध करा दिए हैं।
आदिवासी बुद्धिजीवी मंच ने किया विरोध
आदिवासी बुद्धिजीवी मंच ने नगर निकाय चुनाव का विरोध किया है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग और राज्यपाल को पत्र लिखकर चुनाव पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 243(ZC) के तहत अनुसूचित क्षेत्रों (अनुच्छेद – 244(1)) में नगरपालिका के प्रावधानों पर संवैधानिक रोक है। संसद ने इस आलोक में आजतक नगर पालिकाओँ के प्रावधानों को अनुसूचित क्षेत्रों पर अपवादों और उपान्तरणों के अधीन विस्तार नहीं किया है। वंही 11 मार्च को अनुसूचित क्षेत्रों में झारखंड नगर पालिका अधिनियम 2011 की संवैधानिकता पर अंतिम सुनवाई होनी है। मंच के संयोजक विक्टर कुमार मालतो ने कहा कि उससे पूर्व चुनाव कराना ना केवल संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है, बल्कि कोर्ट की भी अनदेखी होगी।
महत्वपूर्ण तारीखें:
- नामांकन दाखिल करने की तिथि: 29 जनवरी 2026 (गुरुवार) से 4 फरवरी 2026 (बुधवार) तक।
- नामांकन पत्रों की जांच: 5 फरवरी 2026।
- नाम वापसी की अंतिम तिथि: 6 फरवरी 2026।
- चुनाव चिह्न आवंटन: 7 फरवरी 2026।
- मतदान: 23 फरवरी 2026 (सुबह 7 से शाम 5 बजे तक)।
- मतगणना और परिणाम: 27 फरवरी 2026।
- नोटा (NOTA): इस चुनाव में NOTA का प्रावधान नहीं है; मतदाताओं को उम्मीदवारों में से किसी एक को चुनना अनिवार्य होगा।
मतदाता और निकायों की संख्या:
- कुल मतदाता: 43,33,574 (पुरुष: 22,07,203; महिलाएं: 21,26,227; ट्रांसजेंडर: 144)।
- निकाय: 9 नगर निगम (जैसे रांची, जमशेदपुर, धनबाद आदि), 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत।
- वार्ड पार्षद पद: कुल 1,087 (महापौर/अध्यक्ष पदों का चुनाव बाद में चुने गए पार्षदों द्वारा होगा)।
अन्य महत्वपूर्ण बातें:
- चुनाव गैर-दलीय आधार पर होंगे, लेकिन राजनीतिक दल उम्मीदवारों का समर्थन कर सकते हैं।
- प्रत्याशियों के चुनावी व्यय की सीमा तय: 10 लाख+ जनसंख्या वाले नगर निगमों में महापौर पद के लिए 25 लाख रुपये, पार्षद के लिए 5 लाख रुपये; छोटे निकायों में क्रमशः 15 लाख और 3 लाख रुपये।
- यह चुनाव राज्य में लंबे समय से लंबित थे, कोरोना, OBC आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट (जनसंख्या गणना) जैसे मुद्दों के कारण टलते रहे। झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश (31 मार्च 2026 तक प्रक्रिया पूरी करने) के बाद आयोग ने तेजी दिखाई।
- राज्य सरकार (JMM-कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन) के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि शहरी क्षेत्रों में राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने का मौका है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव कराने का आश्वासन दिया है। प्रशासन को सुरक्षा, मतदान केंद्रों की व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव के बाद नए महापौर, अध्यक्ष और पार्षदों का कार्यकाल शुरू होगा, जो शहरों के विकास, स्वच्छता, पेयजल, सड़क और अन्य नागरिक सुविधाओं पर सीधा असर डालेगा।
