दुमका, 03 फरवरी 2026
दिशोमगुरू शिबू सोरेन के मरणोपरांत पहली बार झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने दुमका में अपना 47वां स्थापना दिवस बड़े ही भावुक और उत्साहपूर्ण माहौल में मनाया। यह आयोजन 2 फरवरी 2026 को दुमका के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हुआ, जहां पार्टी के कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ उमड़ी।

झामुमो की स्थापना 2 फरवरी 1978 को दिशोमगुरू शिबू सोरेन ने की थी, और तब से हर वर्ष यह दिन दुमका में झारखंड दिवस के रूप में भव्यता से मनाया जाता रहा है। इस बार यह पहला अवसर था जब संस्थापक दिशोमगुरू शिबू सोरेन (जिनका निधन 2025 में हो चुका है) शारीरिक रूप से मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति ने पूरे समारोह को भावुक बना दिया। दुमका शहर झामुमो के झंडों, बैनरों, होर्डिंग्स और दिशोमगुरू के बड़े-बड़े कटआउट्स से सजा हुआ था। कई जगहों पर उनकी खाली कुर्सी और फोटो रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी और हुंकार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड के मुख्यमंत्री एवं झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने पार्टी का झंडा फहराकर समारोह का शुभारंभ किया। मंच से उन्होंने अपने पिता दिशोमगुरू को भावुक होकर याद किया और कहा, “आज बाबा बहुत याद आ रहे हैं।” उन्होंने दिशोमगुरू के संघर्ष, त्याग और झारखंड आंदोलन की विरासत को नमन करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी पार्टी की दिशा तय कर रहे हैं।हेमंत सोरेन ने मंच से जोरदार हुंकार भरी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने 2026-27 के केंद्रीय बजट की आलोचना की, जिसमें झारखंड के नाम का जिक्र खनिज संसाधनों के संदर्भ में नहीं किया गया, जबकि राज्य से देश की 42 प्रतिशत खनिज संपदा निकाली जाती है। उन्होंने कहा, “अब झारखंड के साथ कोई अन्याय नहीं बर्दाश्त किया जाएगा। हम हर कीमत पर राज्य के हक की रक्षा करेंगे।” मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए झामुमो को सत्ता की पार्टी नहीं, बल्कि जनआंदोलन की पार्टी बताया, जो जल, जंगल और जमीन के अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी।

अन्य प्रमुख बिंदु
- कार्यक्रम में झामुमो की वरिष्ठ नेता, विधायक, सांसद और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
- खूंटी विधायक रामसूर्या मुंडा ने कहा कि दिशोमगुरू के विचारों से प्रेरित होकर पार्टी शोषित, वंचित और आदिवासी समाज की आवाज बनी रहेगी।
- समारोह में दिशोमगुरू शिबू सोरेन के आदर्शों पर चलने और झारखंडी हितों के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया।
- हेमंत सोरेन ने X पर पोस्ट कर सभी को बधाई दी और लिखा: “वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें! अमर रहें! जय झारखंड!”
यह आयोजन न केवल पार्टी की स्थापना की याद दिलाता है, बल्कि दिशोमगुरू की विरासत को जीवित रखने और झारखंड के विकास व अधिकारों की लड़ाई को नई ऊर्जा देने का प्रतीक बना। झामुमो कार्यकर्ताओं में उत्साह देखते ही बन रहा था, और दिशोमगुरू के सपनों को साकार करने का संकल्प दोहराया
