झारखंड हाईकोर्ट से सीएम हेमंत सोरेन को झटका: ईडी समन अवमानना मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में हाजिर होने का आदेश

रांची, 26 नवंबर 2025

 

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने मंगलवार को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के समन की अवमानना से जुड़े मामले में सीएम को व्यक्तिगत रूप से एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। दिसंबर 2024 में दी गई अंतरिम राहत को रद्द करते हुए कोर्ट ने निचली अदालत की कार्यवाही जारी रखने का निर्देश जारी किया है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग जांच से संबंधित है। ईडी ने अगस्त 2023 से सितंबर 2024 तक सीएम हेमंत सोरेन को 10 समन जारी किए थे, लेकिन उन्होंने केवल दो समनों पर ही पेश होकर बाकी को नजरअंदाज कर दिया। ईडी के सहायक निदेशक देवराज झा ने फरवरी 2024 में सीजेएम कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें पीएमएलए की धारा 63 और आईपीसी की धारा 174 के तहत अवमानना का आरोप लगाया गया।सीजेएम कोर्ट ने 4 मार्च 2024 को संज्ञान लेते हुए मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में स्थानांतरित कर दिया। निचली अदालत ने जुलाई 2024 में सीएम की व्यक्तिगत पेशी से छूट की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद सोरेन ने हाईकोर्ट में अपील की, जहां दिसंबर 2024 में अंतरिम राहत मिल गई थी।हाईकोर्ट की सुनवाईजस्टिस अनिल कुमार चौधरी की बेंच ने मंगलवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से मांगी गई स्थगन की गुजारिश को खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि प्रथम दृष्टया समन की अवहेलना साबित हो रही है और निचली अदालत की प्रक्रिया पर अब कोई रोक नहीं लगेगी। सोरेन के वकीलों ने बहस के लिए अतिरिक्त समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने इसे नामंजूर करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट को तुरंत ट्रायल शुरू करने का आदेश दिया।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस फैसले से झारखंड की राजनीति में हलचल मच गई है। जेएमएम के एक प्रवक्ता ने कहा, “मामला अभी अदालत में लंबित है, सरकार कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।” वहीं, विपक्षी दलों ने इसे सरकार के लिए संकट का संकेत बताया। भाजपा नेता ने ट्वीट कर कहा, “ईडी समन की अवहेलना का परिणाम आ गया। झारखंड सरकार पर दबाव बढ़ेगा।” एमपी-एमएलए कोर्ट में सीएम सोरेन को जल्द ही पेश होना होगा। ईडी की ओर से दाखिल शिकायत में आरोप है कि सोरेन ने जांच में सहयोग नहीं किया और लिखित जवाब देकर समनों को टाला। हाईकोर्ट ने ईडी को जवाब दाखिल करने का समय दिया है, लेकिन अंतरिम राहत रद्द होने से ट्रायल तेजी से आगे बढ़ सकता है।

 

 

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