रांची, 11 फरवरी 2026
झारखंड विधानसभा अब पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज (11 फरवरी 2026) विधानसभा परिसर में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (NeVA) सेवा केंद्र का औपचारिक उद्घाटन किया। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष रबींद्र नाथ महतो के साथ मिलकर सभी विधायकों और मंत्रियों को टैबलेट वितरित किए गए, साथ ही उन्हें NeVA प्लेटफॉर्म के उपयोग के लिए विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।

पेपरलेस के फायदे
- NeVA के माध्यम से प्रश्नोत्तर, कार्यसूची, विधेयक, प्रस्ताव और अन्य विधायी कार्य अब पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होंगे।
- इससे सदन की कार्यवाही में पारदर्शिता, दक्षता और समय की बचत होगी।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह झारखंड विधानसभा में एक नया अध्याय है। धीरे-धीरे पूरी कार्यवाही डिजिटल हो जाएगी, और आगामी बजट सत्र (18 फरवरी से शुरू) में भी इसका असर दिखेगा, जहां विधायक ऑनलाइन प्रश्न पूछ सकेंगे।
- यह कदम राज्य को डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में मजबूत बनाएगा और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगा।
यह पहल झारखंड को आधुनिक और तकनीक-सक्षम विधानसभा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
