तेहरान/दोहा, 19 मार्च 2026
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित दुनिया के सबसे बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) प्लांट पर मिसाइल हमले की जिम्मेदारी ले ली है। IRGC ने इसे ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की 63वीं लहर का हिस्सा करार दिया है।
ईरान का दावा है कि यह हमला इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर किए गए हमलों के जवाब में किया गया। साउथ पार्स दुनिया का सबसे बड़ा गैस फील्ड है, जिसका एक हिस्सा कतर के साथ साझा है। IRGC ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि दुश्मन पक्ष ने दोबारा ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया, तो वे कतर, सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के सभी एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह तबाह कर देंगे।
कतर की ओर से पुष्टि की गई है कि ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने रास लफान पर हमला किया, जिसमें आग लग गई और “व्यापक क्षति” (extensive damage) हुई। कतर ने बताया कि कई मिसाइलों को रोका गया, लेकिन एक ने लक्ष्य भेदा। कतर एनर्जी ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है और कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
रास लफान दुनिया का सबसे बड़ा LNG निर्यात केंद्र है, जहां से वैश्विक स्तर पर लगभग 20% LNG सप्लाई होती है। इस हमले से वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल मच गई है और भारत समेत कई देशों के लिए LNG आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
कतर ने हमले की कड़ी निंदा की है और ईरान के सैन्य एवं सुरक्षा अटैची को देश छोड़ने का आदेश दिया है। सऊदी अरब ने भी अपने रिफाइनरियों पर हुए हमलों की पुष्टि की है और ईरान को चेतावनी दी है।
